India US Trade Dispute Fact Check: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर तेजी से वायरल हो रही थी, जिसमें दावा किया गया कि भारत ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके आर्थिक रवैये में बदलाव नहीं आया तो कुछ द्विपक्षीय समझौतों को रद्द किया जा सकता है. इतना ही नहीं, कुछ पोस्ट्स में ये भी लिखा था कि भारत ने अमेरिका के प्रोडक्ट्स पर मिलने वाली टैरिफ छूट की समीक्षा शुरू कर दी है. लेकिन अब इस खबर की सच्चाई सामने आ गई है. @MEAFactCheck ने इस वायरल दावे को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक बताया है.
विदेश मंत्रालय की ओर से साफ किया गया है कि ऐसा कोई बयान सरकार की तरफ से नहीं दिया गया है. यह खबर पूरी तरह से मनगढ़ंत है और लोगों को गुमराह करने के मकसद से फैलाई गई थी.
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'यह फर्जी खबर है'
This is FAKE News!#MEAFactCheck https://t.co/3dyvVcOYtA
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) August 3, 2025
'ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया'
Fake News Alert!
This is FAKE News. No such statement made.#MEAFactCheck https://t.co/SzlPw0qOnu
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) August 3, 2025
क्यों फैलाई जा रही है ये फर्जी खबर?
ये अफवाह ऐसे वक्त में फैली जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद से दोनों देशों के बीच नई ट्रेड डील को लेकर चर्चा चल रही है. इसी बीच, कुछ शरारती तत्वों ने मौके का फायदा उठाते हुए झूठी खबरें फैलानी शुरू कर दीं.
भ्रामक पोस्ट में क्या दावा किया गया?
जानकारी के मुताबिक, इस खबर को सबसे पहले एक सोशल मीडिया अकाउंट @ChinainEnglis ने पोस्ट किया था, जिसमें कहा गया था कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर दी गई टैरिफ छूट की समीक्षा शुरू कर दी है. पोस्ट में यह भी दावा किया गया था कि भारत, रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका द्वारा लगाए गए 25% टैरिफ के जवाब में यह कदम उठा रहा है. लेकिन बाद में पता चला कि इन सभी दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
विदेश मंत्रालय ने कर दिया खुलासा
अफसोस की बात यह रही कि इस फर्जी पोस्ट को वायरल होने में ज्यादा समय नहीं लगा. 18 घंटे तक यह अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती रही और हजारों लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया भी दी. लेकिन आखिरकार MEAFactCheck की सटीक जांच के बाद सच्चाई सबके सामने आ गई.
भारत-अमेरिका के रिश्तों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी फर्जी खबरें सिर्फ भारत-अमेरिका के रिश्तों को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाई जाती हैं. कई बार विदेशी हैंडल्स, खासकर पड़ोसी देशों से जुड़े अकाउंट्स, ऐसी सूचनाएं फैलाने में सक्रिय रहते हैं.











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