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उत्तराखंड: पुष्कर सिंह धामी ने पेयजल योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी करने के दिए निर्देश, कहा- जल संचय और जल संरक्षण पर दिया जोर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttrakhand Cheif Minister Pushkar Singh Dhami) ने गुरुवार को सचिवालय में पेयजल विभाग की समीक्षा की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में पेयजल के साथ सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग का भी सहयोग लेने को कहा.

उत्तराखंड: पुष्कर सिंह धामी ने पेयजल योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी करने के दिए निर्देश, कहा- जल संचय और जल संरक्षण पर दिया जोर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttrakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने गुरुवार को सचिवालय में पेयजल विभाग की समीक्षा की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में पेयजल के साथ सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग का भी सहयोग लेने को कहा. उन्होंने कहा कि जल संचय एवं जल संरक्षण के लिये व्यापक जन जागरूकता पर विशेष ध्यान देते हुए पारम्परिक चाल खाल के पुनर्जीवीकरण पर भी ध्यान दिया जाए.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं की टेण्डर प्रक्रिया 15 नवम्बर तक पूर्ण कर ली जाए ताकि उन पर शीघ्रता से कार्य प्रारम्भ हो सके. मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं देख रेख के लिये सम्बन्धित गांव के युवाओं की सेवाएं ली जाए. इससे युवाओं को रोजगार उपलब्ध होने के साथ ही उनकी तकनीकि दक्षता भी बढ़ेगी. उन्होंने ऐसे युवाओं की शैक्षिक दक्षता बढ़ाने के लिये शिक्षा विभाग से समन्वय बनाये जाने को कहा.

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मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ सीवरेज ट्रीटमेंट से सम्बन्धित योजनाओं को समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये. उन्होंने पुरानी पेयजल योजनाओं, हेण्डपंपों आदि की मरम्मत तथा मोटरों की इनर्जी आडिट आदि कराये जाने की भी योजना बनाने को कहा.

उन्होंने हर गांव में वाटर टैंक तथा प्राकृतिक जल स्रोतों की स्टडी किये जाने के भी निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जहां भी पानी की लाइन बिछाई जा चुकी है. वहां पानी की सुविधा उपलब्ध हो जाय. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों मे एक सप्ताह मे तथा शहरी क्षेत्रों मे 1 रूपये पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराना राज्य सरकार द्वारा जनहित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय है.

सचिव पेयजल नीतेश झा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में जलजीवन मिशन, नमामिगंगे तथा अमृत योजना के तहत संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 15.18 लाख घरों में से 7.05 घरों को और शहरी क्षेत्रों में 11.65 घरों के विपरीत 5.58 लाख घरों को पेयजल योजना से जोड़ा जा चुका है जबकि शहरी क्षेत्रों में 11.65 लाख के विपरीत 3.26 लाख घरो को सीवरेज से जोडा गया है.

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 55 लीटर तथा शहरी क्षेत्रों में 135 लीटर प्रति घर पानी उपलब्ध कराये जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 96 प्रतिशत स्कूलों को पेयजल योजना से जोडा गया है. प्रदेश के सभी घरों को दिसम्बर, 2022 तक पेयजल योजना से जोड दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि जनवरी तक मसूरी पंपिंग पेयजल योजना पूर्ण कर ली जायेगी.

इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, प्रमुख सचिव डॉ. एस.एस.सन्धू, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव नितिन भदौरिया, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, उदयराज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 23, 2021 11:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).