Lakhimpur Shocker: लोगों की जान के साथ खिलवाड़! बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर ने OT में किया ऑपरेशन, वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल;VIDEO
Credit-(X,@priyarajputlive)

लखीमपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से आई एक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है.शहर के नौरंगाबाद रोड पर स्थित एक कथित हॉस्पिटल में इलाज नहीं, बल्कि मौत का खेल चल रहा था. इस फर्जी हॉस्पिटल में न तो रजिस्टर्ड डॉक्टर हैं और न ही मानकों के अनुसार मेडिकल सुविधाएं, फिर भी वहां सर्जरी की जा रही थी.इस कथित ऑपरेशन थियेटर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां ऑपरेशन किया जा रहा है वह कमरा गंदा, जर्जर और पूरी तरह से असुरक्षित है. हैरानी की बात यह है कि सर्जरी कर रहा व्यक्ति कोई अनुभवी या लाइसेंसधारी सर्जन नहीं बल्कि केवल एक साधारण स्नातक डिग्रीधारी है.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @priyarajputlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के अस्पताल में ‘फर्जी’ हृदयरोग विशेषज्ञ के इलाज से 7 लोगों की मौत

बिना रजिस्ट्रेशन के डॉक्टर कर रहे है मरीज का ऑपरेशन

स्वास्थ्य विभाग बना मूक दर्शक

यह मामला सिर्फ एक हॉस्पिटल की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता का उदाहरण है. जिले में ऐसे कई फर्जी हॉस्पिटल सक्रिय हैं जिन पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. निरीक्षण और निगरानी की कमी के कारण ये संस्थान लोगों की जान से खेल रहे हैं.

स्वच्छता और सुरक्षा को किया गया नजरअंदाज

ऑपरेशन थियेटर जैसे संवेदनशील स्थान में जिस तरह से बिना सुरक्षा उपकरणों और स्वच्छ वातावरण के सर्जरी हो रही थी, वह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. हॉस्पिटल परिसर में न कोई संक्रमण नियंत्रण है, न ही स्टरलाइजेशन की सुविधा, जिससे मरीजों के लिए खतरा और बढ़ जाता है.ऐसे फर्जी हॉस्पिटलों का शिकार आमतौर पर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग होते हैं, जिनके पास इलाज के सीमित विकल्प होते हैं.इनकी मजबूरी का फायदा उठाकर ये फर्जी संस्थान खुद को डॉक्टर बताकर इलाज के नाम पर उनकी जान जोखिम में डालते हैं.

क्या होगी अब प्रशासन की कार्रवाई?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन जागेगा? क्या फर्जी डॉक्टरों और अवैध हॉस्पिटलों पर तत्काल कार्रवाई होगी, या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?