Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के अस्पताल में ‘फर्जी’ हृदयरोग विशेषज्ञ के इलाज से 7 लोगों की मौत
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक मिशनरी अस्पताल में एक फर्जी हृदयरोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) द्वारा कथित तौर पर इलाज किए जाने के बाद सात लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
दमोह (मप्र), 6 अप्रैल : मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक मिशनरी अस्पताल में एक फर्जी हृदयरोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) द्वारा कथित तौर पर इलाज किए जाने के बाद सात लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक टीम सात से नौ अप्रैल तक दमोह में रहेगी.
एनएचआरसी में एक स्थानीय निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार अस्पताल में काम करने वाले डॉ. एन जॉन कैम नामक व्यक्ति ने खुद को विदेश से शिक्षित और प्रशिक्षित बताया था. शिकायतकर्ता ने दावा किया कि व्यक्ति का असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसने ब्रिटेन के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर जॉन कैम के नाम का दुरुपयोग कर मरीजों को गुमराह किया और उसके गलत इलाज के कारण मरीजों की मौत हो गई. इस मुद्दे पर अस्पताल के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका. यह भी पढ़ें : Delhi Shocker: मंगेतर के साथ वाटर पार्क घुमने गई युवती की मौत, रोलर कोस्टर राइड का झुला टूटने से हुई हादसे की शिकार, दिल्ली में शादी से पहले घर में फैला मातम
कानूनगो ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि दमोह के एक मिशनरी अस्पताल में सात लोगों की असामयिक मौत का मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी डॉक्टर हृदय रोग का इलाज कर रहा था. शिकायत के अनुसार उक्त मिशनरी अस्पताल प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के अंतर्गत आता है, इसलिए सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया गया है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश दे दिए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 06, 2025 02:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

