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कैसे जन्मा और वायरल हुआ हायरॉक्स खेल

हायरॉक्स, हाल के बरसों में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला फिटनेस स्पोर्ट्स है.

कैसे जन्मा और वायरल हुआ हायरॉक्स खेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

हायरॉक्स, हाल के बरसों में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला फिटनेस स्पोर्ट्स है. कोई खेल कैसे जन्म लेता है और फिर कैसे लोकप्रिय हो जाता है, ये जानने के लिए आपको करीब 9 साल के हायरॉक्स को देखना चाहिए.हायरॉक्स जैसी लोकप्रियता, हाल के बरसों में शायद ही किसी नए खेल ने देखी है. साल 2017 में सिर्फ एक आइडिया के तौर पर शुरू हुआ हायरॉक्स, आज दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला फिटनेस स्पोर्ट्स बन चुका है.

हायरॉक्स फॉरमेट की शुरुआत, जर्मनी के इवेंट ऑर्गनाइजर क्रिस्टियान टोएत्स्के, संवाद विशेषज्ञ मिषाएल ट्राउटमान और पूर्व हॉकी खिलाड़ी मोरित्स फ्युर्स्टे ने की. फ्युर्स्टे 2008 और 2012 में ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली जर्मन हॉकी टीम का हिस्सा रह चुके हैं.

तीनों का आइडिया सरल था, शारीरिक क्षमता का इम्तिहान लेने वाला एक ऐसा खेल रचना, जिसमें दौड़ भी शामिल हो और जिम वाला शक्ति परीक्षण भी. हायरॉक्स में आठ चरण होते हैं, इस दौरान एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक आठ बार एक-एक किलोमीटर दौड़ना पड़ता है. हर दौड़ के बाद स्ट्रेंथ और स्टैमिना से जुड़ी अलग अलग आठ एक्सरसाइज भी करनी पड़ती है.

फ्युर्स्टे ने डीडब्ल्यू से कहा, "लोगों का या तो खुद को चुनौती देना पसंद होता है या फिर दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करना, वे ऐसे खेल में हिस्सा लेना पसंद करते हैं जिसमें अपने भीतरी दानव से लड़ाई भी शामिल हो."

इंसान ऐसा शताब्दियों से करता आया है, हायरॉक्स ने तो बस इसे एक प्रतिस्पर्धा के सांचे में ढाला है.

लोगों को नया लक्ष्य देता हायरॉक्स

हायरॉक्स फॉरमेट विकसित करने के दौरान, संस्थापकों ने देखा कि वैश्विक खेल मंच में एक रिक्तता मौजूद है. फ्युर्स्टे कहते हैं, "ज्यादातर खेलों में, जैसे टेनिस, फुटबॉल या मोटे तौर पर गेंद वाले खेलों में नियम कायदे बहुत ही स्पष्ट हैं."

फ्युर्स्टे कहते हैं, "ये खेल सैकड़ों साल से जारी हैं, लेकिन जिम वाली दुनिया के लिए वैश्विक खेलों के पास कोई ढांचा नहीं है. हम लोगों को इसी ट्रेनिंग के लिए एक लक्ष्य देना चाहते थे, वो भी स्वस्थ रहने या दर्पण में अच्छा दिखने से इतर."

लेकिन ऐसा मौका देने वाला खेल, सिर्फ हायरॉक्स ही नहीं है. क्रॉसफिट शायद इसका सबसे करीबी प्रतिस्पर्धी है. 2007 में शुरू हुआ क्रॉसफिट, हर दिन बदलता है और इसमें ओलंपिक वाली वेटलिफ्टिंग और जिम्नास्टिक्स भी शामिल हैं.

हायरॉक्स हमेशा एक जैसा रहता है. ये रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से फिटनेस को मजबूत बनाने पर फोकस करता है. फ्युर्स्टे कहते हैं कि, असली मजा हायरॉक्स के अंत में आता है, "दौड़ खत्म करने तक किसी में ऊर्जा बचती ही नहीं है. हर कोई थक कर चूर हो चुका होता है. लेकिन हर किसी को यह भी लगता है कि अगली बार वे ज्यादा तेज रहेंगे."

फ्युर्स्टे के मुताबिक, हायरॉक्स सिर्फ ट्रेनिंग का तरीका भर नहीं है, बल्कि ये कई खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए भी अच्छी तैयारी कराता है. एक तयशुदा फॉरमेंट होने के कारण, दुनिया भर में इसके मुकाबले आयोजित कराए जा सकते हैं. इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप हैम्बर्ग में हैं या फिर, लंदन, न्यूयॉर्क, मुंबई या सिडनी में. हाल के बरसों में हायरॉक्स की कामयाबी की एक बड़ी वजह यह भी है.

सभी बाजारों में 100 फीसदी तेजी से बढ़ता हायरॉक्स

अमेरिका की मशहूर खेल पत्रिका व वेबसाइट 'स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड' को 2025 में दिए गए एक इंटरव्यू में फ्युर्स्टे ने हायरॉक्स की कामयाबी के दो अहम पड़ाव बताए. पहला, जब उनके सबसे पहले मुकाबले में 650 प्रतिभागी जुटे और दूसरा, जब कोविड महामारी के बाद 2022 में लंदन में उनके इवेंट के सारे टिकट बिके. फ्युर्स्टे बताते हैं कि इन दोनों सफलताओं के बाद उन्हें अहसास हो गया कि हायरॉक्स कामयाबी की राह पर है.

2022-23 के सत्र में करीब 90,000 लोगों ने हायरॉक्स प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लिया. 2025 आते आते यह संख्या 6,50,000 तक पहुंच गई. फ्युर्स्टे कहते हैं, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कहां गए, हमने हर जगह पहले दो से तीन साल के भीतर गजब का विकास देखा. ऐसा कोई भी एक बाजार नहीं है जो एक से दूसरे इवेंट के बीच 100 फीसदी की दर से ना बढ़ा हो. यह दिखाता है कि प्रोडक्ट चल पड़ा है. प्रतिभागियों को इसने जबरदस्त अनुभव दिया."

अगला पड़ाव: 2032 का ओलंपिक

मौजूदा सत्र में 10 लाख से ज्यादा खिलाड़ी दुनिया भर के हायरॉक्स इवेंट्स में हिस्सा लेने वाले हैं. अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि निकट भविष्य में हायरॉक्स की लोकप्रियता कम या स्थिर हो सकती है.

फ्युर्स्टे कहते हैं, "इससे पता चलता है कि हम ना तो कोई मौसमी मांग हैं और ना ही किसी खास वर्ग तक सिमटा खेल. यह दिखाता है कि खेलों को दुनिया में हमने अपनी पहचान बनाई है."

आज 30 देशों के 85 से ज्यादा शहरों में हायरॉक्स मौजूद है. शोध भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि हायरॉक्स ने अद्वितीय विकास किया है. 2023-24 के सत्र में ही 2,78,000 लोगों ने इस मुकाबले की फिनिशिंग लाइन को पार किया.

फ्युर्स्टे, हायरॉक्स को किसी म्यूजिक फेस्टिवल के आधुनिक खेल संस्करण जैसा मानते हैं, "यहां तक पहुंचने और इस टीम का हिस्सा बनने के लिए मैंने सब कुछ दांव पर लगा दिया."

फ्युर्स्टे को हायरॉक्स की सफलता पर संदेह कभी नहीं था, लेकिन यह इतना बड़ा बन जाएगा, इसकी कल्पना भी उन्होंने नहीं की थी. उनकी नजर में अब अगला लक्ष्य है, 2032 में ब्रिस्बेन में होने वाले ओलंपिक खेल. जिन ओलंपिक खेलों में वह दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, अब उसी मंच पर वह हायरॉक्स का गोल्ड मेडल बंटते हुए देखना चाहते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2026 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).