Smuggling of Turtles: वाराणसी रेलवे स्टेशन पर GRP की बड़ी कार्रवाई! 48 दुर्लभ कछुओं को किया जब्त, तस्कर गिरफ्तार; VIDEO
ट्रेनों में तस्करी की मामले काफी बढ़ गए है.कभी शराब की तस्करी तो कभी कछुओं की तस्करी. वाराणसी में ऐसे ही एक संरक्षित कछुओं की तस्करी करनेवाले युवक को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है.
वाराणसी, उत्तर प्रदेश: ट्रेनों में तस्करी की मामले काफी बढ़ गए है.कभी शराब की तस्करी तो कभी कछुओं की तस्करी. वाराणसी में ऐसे ही एक संरक्षित कछुओं की तस्करी करनेवाले युवक को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है.वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने जांच के दौरान एक यात्री के पास से 48 जीवित कछुए बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है. पकड़े गए कछुए दुर्लभ प्रजातियों के हैं और इन्हें अवैध रूप से पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था.जानकारी के मुताबिक़ प्लेटफॉर्म नंबर 8/9 के पास चेकिंग अभियान चला रही जीआरपी टीम को एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. शौचालय के पास खड़ा वह यात्री घबराया हुआ नजर आ रहा था.
पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने खुद स्वीकार किया कि उसके पास दो बैग हैं, जिनमें कछुए हैं. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @VistaarNews नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Turtle Smuggling Video: पीलीभीत जिले में वन्यजीवों की तस्करी करनेवालों को धर दबोचा, आरोपियों के पास से 138 कछुए किए बरामद
कछुओं की तस्करी
उत्तर प्रदेश | कछुआ तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से 48 कछुओं के साथ तस्कर गिरफ्तार #UttarPardesh #Varanasi #Turtlesmuggling #Turtle pic.twitter.com/swVXNQMbK9
— Vistaar News (@VistaarNews) July 22, 2025
दो बैगों में छिपे थे जिंदा कछुए
पुलिस ने दोनों बैगों को खोलकर जांच की तो हर बैग में जूट की बोरियों में 24-24 यानी कुल 48 जीवित कछुए मिले.कछुओं को बड़ी चालाकी से छिपाकर रखा गया था ताकि किसी को शक न हो. गिरफ्तार किए गए तस्कर ने अपना नाम सुधांशु मोहन बताया, जो पश्चिम बंगाल के नादिया जिले का निवासी है. उसने स्वीकार किया कि वह कछुए जौनपुर के शाहगंज से खरीदकर बंगाल ले जा रहा था. इससे पहले कि वह ट्रेन पकड़ता, वाराणसी में वह पकड़ा गया.
वन विभाग को दी गई जानकारी
जीआरपी ने तुरंत क्षेत्रीय वन विभाग को इस मामले की सूचना दी. क्योंकि पकड़े गए कछुए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूचित प्रजातियों में आते हैं, इसलिए मामला वन्य जीव तस्करी से जुड़ा माना गया. अब वन विभाग की टीम आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.जीआरपी इंस्पेक्टर राजौज नागर ने बताया कि यदि समय रहते चेकिंग नहीं की जाती, तो यह कछुए अवैध रूप से दूसरे राज्य में पहुंच जाते. पुलिस और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से इन संरक्षित जीवों को बचा लिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 01:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

