पीलीभीत, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में शनिवार को वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) की टीम ने न्यूरिया क्षेत्र में छापा मारते हुए एक कार से 138 दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद किए और दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया.सभी कछुए भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल हैं. वन्यजीवों को लेकर तस्करी के मामले बढ़ते ही जा रहे है. इससे पहले भी कई राज्यों में कछुओं की तस्करी करनेवाले आरोपियों का भंडाफोड़ किया गया था.
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कछुओं की तस्करी
महोफ़ रेंज के थाना न्यूरिया क्षेत्र में पकड़े गए कछुआ तस्कर
मुखबिर की सूचना मिलने के बाद दियोरिया रेंज तथा महोफ रेंज की संयुक्त टीम ने की छापेमारी
संदिग्ध कार देखी जाने के बाद कर का पीछा किया गया
पीछा करते हुए टांडा बिजैसी थाना न्यूरिया में कार को पकड़ लिया
गाड़ी… pic.twitter.com/xD2ZHeLfTi
— News1India (@News1IndiaTweet) May 25, 2025
क्या की कार्रवाई?
पीटीआर को खुफिया जानकारी मिली थी कि क्षेत्र में वन्यजीवों की तस्करी की जा रही है. एसडीओ रमेश चौहान के नेतृत्व में महोफ रेंज की टीम ने न्यूरिया थाना क्षेत्र के टांडा बिजैसी गांव में घेराबंदी कर एक कार को रोका. टीम को देखकर वाहन में सवार तस्कर भागने लगे, लेकिन दो आरोपियों,राकेश मंडल और विशाल मंडल को मौके पर ही पकड़ लिया गया. एक अन्य तस्कर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है.
बोरियों में थे कछुए
कार की तलाशी के दौरान छह बोरियों में बंद 138 कछुए बरामद हुए, जिनका कुल वजन लगभग 2.5 क्विंटल निकला.इनमें इंडियन सॉफ्टशेल और फ्लैपशेल प्रजाति के कछुए शामिल हैं, जिन्हें भारत में उच्चतम कानूनी संरक्षण प्राप्त है. बरामद कछुओं को वन विभाग ने कोर्ट की अनुमति के बाद सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया, हालांकि रिपोर्ट है कि कुछ कछुए दम घुटने के कारण मृत पाए गए.
अंतर्राष्ट्रीय हो सकता है नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कछुए कानपुर के रसूलाघाट से लाए गए थे, और इन्हें न्यूरिया व उत्तराखंड के रास्ते नेपाल होते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजने की योजना थी.अनुमान है कि यह नेटवर्क मलेशिया, थाइलैंड और वियतनाम जैसे देशों से जुड़ा हो सकता है, जहां कछुओं की अंगों और खून का इस्तेमाल शक्तिवर्धक दवाओं और भोजन में किया जाता है.
डीएफओ का बयान
पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पूछताछ में सामने आए तथ्यों की हर कोण से पड़ताल की जाएगी. उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले से अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोह भी जुड़े हो सकते हैं.













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