Fuel Crisis: फ्यूल क्राइसिस के बीच ऑटोमोबाइल कंपनियों का बंपर ऑफर, पुरानी कार के बदले Electric Vehicle पर मिल रही अतिरिक्त छूट
Fuel Crisis: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार में ईंधन की बढ़ती लागत के बीच देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) की बिक्री बढ़ाने के लिए आक्रामक अभियान शुरू किया है. मार्च 2026 के इस महीने में कंपनियां न केवल भारी नकद छूट दे रही हैं, बल्कि पुरानी पेट्रोल या डीजल कारों को एक्सचेंज करने पर 3% तक की अतिरिक्त छूट और विशेष 'ग्रीन बोनस' भी प्रदान कर रही हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन ग्राहकों को आकर्षित करना है जो पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्च से परेशान होकर क्लीन एनर्जी की ओर रुख करना चाहते हैं.
एक्सचेंज बोनस और अतिरिक्त छूट का गणित
कंपनियों द्वारा जारी नए ऑफर्स के तहत, यदि कोई ग्राहक अपनी पुरानी इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) यानी पेट्रोल या डीजल कार को एक्सचेंज कर नई इलेक्ट्रिक कार चुनता है, तो उसे मौजूदा एक्सचेंज वैल्यू के ऊपर अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है. उदाहरण के तौर पर, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां कुछ चुनिंदा मॉडल्स पर 30,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का सीधा एक्सचेंज बोनस दे रही हैं, जो कार की कुल कीमत पर लगभग 2% से 3% की अतिरिक्त बचत के बराबर है. यह भी पढ़े: Pakistan Fuel Crisis: मिडल ईस्ट तनाव के बीच पाकिस्तान में गहराया तेल संकट, स्कूल दो हफ्ते बंद; सरकारी दफ्तर हफ्ते में चार दिन खुलेंगे
प्रमुख मॉडल्स पर मिल रही है भारी बचत
मार्च 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाली छूट कुछ इस प्रकार है:
- Mahindra XUV400: इस इलेक्ट्रिक एसयूवी पर कंपनी 2.50 लाख से लेकर 4 लाख रुपये तक की भारी छूट दे रही है.
- Tata Curvv EV & Nexon EV: टाटा के इन पॉपुलर मॉडल्स पर 1.41 लाख से 3.30 लाख रुपये तक के कुल लाभ (कैश + एक्सचेंज) मिल रहे हैं.
- MG ZS EV & Comet: एमजी मोटर्स भी अपने पोर्टफोलियो पर 60,000 रुपये से लेकर 1.90 लाख रुपये तक की छूट दे रही है.
क्यों दिया जा रहा है यह ऑफर?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में चल रहे 'फ्यूल क्राइसिस' और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन की बाधाओं के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में कंपनियां वित्त वर्ष की समाप्ति (Year-end) से पहले अपना इन्वेंट्री स्टॉक क्लियर करना चाहती हैं. 3% की अतिरिक्त एक्सचेंज छूट जैसे ऑफर्स ग्राहकों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी तरीका साबित हो रहे हैं.
ग्राहकों के लिए क्या है फायदा?
इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर न केवल तत्काल खरीद में बचत हो रही है, बल्कि लंबी अवधि में रनिंग कॉस्ट (Running Cost) में भी भारी कमी आती है. पेट्रोल कार का औसत खर्च 7-10 रुपये प्रति किलोमीटर आता है, जबकि इलेक्ट्रिक कार का खर्च महज 1-1.5 रुपये प्रति किलोमीटर तक रहता है. इसके अलावा, कई राज्यों में अभी भी रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स पर दी जाने वाली छूट इन ऑफर्स को और अधिक आकर्षक बना रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2026 03:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

