Fact Check: सोशल मीडिया पर रोजाना सैकड़ों वीडियो वायरल होते है.इनमें से कुछ वीडियो फेक होते है तो वही कुछ सच भी होते है.ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. जिसमें पाकिस्तान के लाहौर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक ट्राम दौड़ते हुई नजर आई. जिसके कारण सोशल मीडिया पर हल्ला मच गया और लोग इस पड़ताल करने में जुट गए कि ये सच में ट्राम चल रही है या फिर एआई से बनाया हुआ वीडियो है.कुछ लोगों ने इसे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अविश्वसनीय बताया, तो कुछ ने इसे तकनीकी प्रगति का संकेत माना.
इस वीडियो अलग अलग सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया जा रहा है और बताया जा रहा है दिवालिया पाकिस्तान के लाहौर में पहली इलेक्ट्रिक ट्रैकलेस ट्राम दौड़ रही है.ये भी पढ़े:FACT CHECK: पाकिस्तान में पकड़े गए भारतीय सैनिक, पाक फौज जिंदाबाद बोलने पर छोड़ा? दुष्प्रचार फैलाने की मकसद से फर्जी VIDEO वायरल
लाहौर में सड़क पर दौड़ रही है ट्राम
لاہور کی سڑکوں پر دوڑتی "الیکٹرک ٹرام/ٹرین"
لاہور
میٹرو بس،اورنج ٹرین،ٹرام سسٹم رکھنے والا پاکستان کا پہلا شہر بن گیا
مریم نواز نے اگلے 4 سال میں لاہور کو ایسا بنا دینا ہے کہ پاکستان کے ہر شہر کے لوگوں کی خواہش ہو گی کہ
لاہور میں ان کا گھر ہونا چاہیے pic.twitter.com/P9KquA3pn8
— Asad R Chaudhry (@Asadrchaudhry) August 6, 2025
*مریم نواز نے چینی ماہرین کے ساتھ پاکستان کی پہلی الیکٹرک ٹرام میں ٹھوکر نیاز بیگ سے ہربنس پورہ تک کا سفرکیا* pic.twitter.com/N2st06goAI
— صحرانورد (@Aadiiroy2) August 6, 2025
फैक्ट चेक में सही पाया गया वीडियो
जांच में यह साफ हो गया कि वीडियो असली है.गल्प न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने लाहौर में अपना पहला सुपर ऑटोनॉमस रैपिड ट्रांजिट (SART) सिस्टम लॉन्च किया है. यह अनोखी इलेक्ट्रिक ट्राम वर्चुअल ट्रैक पर चलती है, जिसे सेंसर और GPS तकनीक से गाइड किया जाता है.इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पारंपरिक रेल पटरियों की जरूरत नहीं होती, जिससे लागत और समय दोनों की बचत होती है.
उद्घाटन और तकनीकी खासियत
इस परियोजना का उद्घाटन पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने किया. यह ट्राम एक बार में 250 से 400 यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखती है. आधुनिक यात्री सुविधाओं में एयर कंडीशनिंग, मुफ्त वाई-फाई और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं, जो सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाते हैं.
पर्यावरण और यातायात पर संभावित असर
SART सिस्टम को खासतौर पर शहरों में यातायात जाम और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है. इसकी बैटरी एक बार चार्ज होने पर 40 किलोमीटर तक चल सकती है और इसमें तेज़ चार्जिंग की क्षमता भी है. इससे यह परियोजना न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि लंबी अवधि में ईंधन की खपत भी कम करेगी.
भविष्य की योजना
लाहौर में सफल ट्रायल और प्रारंभिक संचालन के बाद, पाकिस्तान सरकार इस सिस्टम को फैसलाबाद, गुजरांवाला जैसे अन्य बड़े शहरों में भी लागू करने की योजना बना रही है. इससे देश के शहरी परिवहन नेटवर्क को आधुनिक और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी.










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