Zila Parishad Schools: महाराष्ट्र के बच्चों की शिक्षा पर मंडराया संकट, अमरावती के 8 जिला परिषद की स्कूलों पर लगा ताला
जिला परिषद की स्कूलों छात्रों की कम होती संख्या अब चिंता का विषय बन रही है. जिसके चलते अब जिला परिषदों की स्कूलों पर भी खतरा मंडरा रहा है.
Zila Parishad Schools: महाराष्ट्र के अमरावती विभाग में जिला परिषद की स्कूलों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. बीते चार वर्षों में 17,348 छात्रों ने इन स्कूलों से दूरी बना ली, जिसके चलते 8 स्कूलों को बंद करना पड़ा है. शिक्षा विभाग अब इस गिरती संख्या को लेकर कठोर कदम उठाने की तैयारी कर रहा है.2021 से 2023 के बीच करीब 6,000 छात्रों ने जिला परिषद की स्कूलों से नाम कटवाया, जिसकी वजह से 4 स्कूल बंद कर दिए गए.इसके बाद 2023 से 2025 के बीच 10,727 छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी और फिर 4 स्कूलों पर ताले लग गए.सरकार द्वारा चलाया गया ‘मिशन वात्सल्य’ अभियान, जिसमें बेघर और सड़कों पर रहने वाले बच्चों को स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया गया, वो भी उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा.
शिक्षा विभाग ने कई स्तरों पर कोशिशें कीं, लेकिन छात्र संख्या बढ़ाने में असफल रहा. ये भी पढ़े:Amravati Shocker: अमरावती जिले के जिला परिषद की स्कूल में 22 छात्रों को हुआ फूड पॉइजनिंग, मोर्शी के अडगांव की घटना से शिक्षा विभाग में खलबली
35 शिक्षक निलंबित
छात्रों की घटती संख्या को देखते हुए बुलढाणा जिले में 10 से कम छात्र संख्या वाली स्कूलों में कार्यरत 35 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया. यह कदम अब राज्यव्यापी मॉडल बनने की ओर अग्रसर है. सवाल यह है कि क्या अन्य जिलों में भी ऐसी ही सख्ती बरती जाएगी?
छात्रों के स्कूल छोड़ने के कारण क्या हैं?
छात्रों की घटती संख्या के पीछे कई प्रमुख कारण हो सकते हैं, जैसे निजी स्कूलों में सुविधाओं की अधिकता,सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और संसाधनों की कमी,डिजिटल शिक्षा की ओर आकर्षण
और रोजगार की तलाश में परिवारों का शहरों की ओर पलाय, इन कारणों की वजह से भी छात्र स्कूल से कम हुए है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2025 01:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

