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जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने दक्षिण अफ्रीका जाएंगे एस. जयशंकर

विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) में भाग लेने के लिए 20-21 फरवरी को जोहान्सबर्ग की यात्रा पर रहेंगे. दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड लामोला के निमंत्रण पर वह यह दौरा करेंगे.

जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने दक्षिण अफ्रीका जाएंगे एस. जयशंकर

नई दिल्ली/जोहान्सबर्ग, 19 फरवरी : विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) में भाग लेने के लिए 20-21 फरवरी को जोहान्सबर्ग की यात्रा पर रहेंगे. दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड लामोला के निमंत्रण पर वह यह दौरा करेंगे.

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "जी-20 एफएमएम में विदेश मंत्री की भागीदारी से जी-20 देशों के साथ भारत की भागीदारी मजबूत होगी. इस महत्वपूर्ण मंच पर वैश्विक दक्षिण की आवाज को बल मिलेगा. विदेश मंत्री की एफएमएम के दौरान कुछ द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है." यह मीटिंग दक्षिण अफ्रीका की जी-20 अध्यक्षता के दौरान आयोजित होने वाली पहली विदेश मंत्रियों की बैठक होगी. इसका विषय 'एकजुटता, समानता, स्थिरता' रखा गया है. यह भी पढ़ें : CPCB Report on Ganga River Water Quality: महाकुंभ के दौरान गंगा जल पर सीपीसीबी की रिपोर्ट, निगरानी के बाद गुणवत्ता में सुधार, फिर भी फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया बरकरार

दक्षिण अफ्रीका की जी-20 अध्यक्षता 1 दिसंबर, 2024 से शुरू हुई और यह 30 नवंबर तक जारी रहेगी. राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने पदभार ग्रहण करते समय इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण अफ्रीका को जी-20 अध्यक्षता ऐसे समय में मिली है जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, असमानता, गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी, भू-राजनीतिक अस्थिरता सहित कई संकटों का सामना कर रही है.

दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की कि वे आगामी (जी20) विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग नहीं लेंगे.इस पर रोनाल्ड लामोला ने कहा कि ब्राजील से जी20 की अध्यक्षता संभालने के बाद से, दक्षिण अफ्रीका ने कई मुद्दों से निपटने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाला बढ़ता ऋण भी शामिल है.

लामोला ने कहा, "एकजुटता सामूहिक समस्या-समाधान को बढ़ावा देती है. हमारी जी20 अध्यक्षता केवल जलवायु परिवर्तन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए समान व्यवहार के लिए भी है, जो सभी के लिए एक समान वैश्विक प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है. ये महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं, जिनका पालन करने और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ जुड़ने के लिए हम तैयार हैं."

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 19, 2025 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).