पश्चिम एशिया संघर्ष: कुवैत से 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर पहुंचे कोचीन; ड्रोन हमले में मारे गए तमिलनाडु के युवक का शव भी शामिल
कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Photo/ANI)

कोचीन: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच, कुवैत (Kuwait) में अपनी जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के पार्थिव (Mortal Remains of Indian Citizens) शरीर बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को केरल (Kerala) के कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Cochin International Airport) पर पहुंचे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव और उड़ानों में आ रही बाधाओं के कारण इन शवों को भारत लाने में काफी देरी हुई. इन 20 मृतकों में तमिलनाडु (Tamil Nadu) के रामनाथपुरम जिले (Ramanathapuram District)  का 37 वर्षीय युवक संथानसेल्वम कृष्णन भी शामिल है, जिसकी मौत कुवैत के एक जल अलवणीकरण संयंत्र (Desalination Plant) पर हुए ड्रोन हमले में हुई थी. यह भी पढ़ें: US-Iran War: राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 से 3 सप्ताह में शांति का जताया भरोसा, तेहरान ने दावों को किया खारिज

ड्रोन हमले और संघर्ष का असर

कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि रविवार शाम को एक प्रमुख बिजली और जल अलवणीकरण संयंत्र पर ईरानी हमले हुए थे. इस हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और सेवा भवन को भारी नुकसान पहुंचा. विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, पिछले एक महीने से खाड़ी क्षेत्र में जारी इस संघर्ष में अब तक कुल 8 भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि एक नागरिक अभी भी लापता बताया जा रहा है.

विदेश मंत्रालय की तत्परता

नई दिल्ली में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान खाड़ी मामलों के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा, 'कुवैत में हमारा दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय कर रहा है ताकि मृतक के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा सके और शेष औपचारिकताओं को जल्द पूरा किया जा सके.'

कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि वे कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि युद्ध जैसी स्थितियों के बावजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके पार्थिव शरीरों की ससम्मान वापसी सुनिश्चित की जा सके.

विभिन्न कारणों से हुई थी मौतें

हवाई अड्डे पर पहुंचे 20 पार्थिव शरीरों में से 19 व्यक्तियों की मृत्यु विभिन्न प्राकृतिक कारणों और अन्य दुर्घटनाओं से हुई थी. सामान्य परिस्थितियों में इनका प्रत्यावर्तन (Repatriation) पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य हमलों और हवाई मार्ग में असुरक्षा के कारण उनके शव कुवैत में ही फंसे हुए थे.

क्षेत्रीय स्थिति और लापता भारतीय

खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, जिससे वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ गई है. मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वे लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए स्थानीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं.  सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी कूटनीतिक चैनलों का उपयोग किया जा रहा है.