Rajdeep Sardesai Reveals Prostate Cancer Battle: जाने-माने पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने हाल ही में अपनी सेहत को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस साल जुलाई में अपना 60वां जन्मदिन मनाने के कुछ ही हफ्तों बाद, उन्हें प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) का पता चला.
अगस्त में उनकी एक सफल रोबोटिक सर्जरी हुई, जिसमें कैंसर वाले प्रोस्टेट को हटा दिया गया. सरदेसाई ने इसे अपनी ज़िंदगी का "टर्निंग प्वाइंट" यानी एक बड़ा मोड़ बताया है.
आपको बता दें कि प्रोस्टेट कैंसर भारत में पुरुषों में पाया जाने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, खासकर बड़ी उम्र के पुरुषों में. अच्छी बात यह है कि अगर इसका जल्दी पता चल जाए, तो अगले पाँच साल तक जीवित रहने की दर बहुत ज़्यादा होती है.
'कैंसर? मुझे?': जब राजदीप को मिली खबर
राजदीप सरदेसाई ने अपने वीकली वीडियो व्लॉग, "स्ट्रेट बैट" में कैंसर से अपनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि उनके डॉक्टर ने वॉट्सऐप टेक्स्ट के ज़रिए उन्हें इस बीमारी की जानकारी दी.
वह यह पढ़कर सन्न रह गए थे. उन्होंने उस टेक्स्ट को कई बार "टकटकी लगाकर" देखा और सोचते रहे: "कैंसर? मुझे? कैसे? क्यों?".
सरदेसाई ने कहा कि उन्हें कोई खास लक्षण नहीं थे और न ही सेहत से जुड़ी कोई बड़ी परेशानी थी. लेकिन एक रूटीन मेडिकल चेक-अप के बाद हुई बायोप्सी में इस ट्यूमर का पता चला.
कैसे मिली कैंसर से लड़ने की हिम्मत?
राजदीप सरदेसाई ने खुलासा किया कि इस मुश्किल घड़ी में उनके बेटे, जो खुद एक सर्जन हैं, ने उन्हें हिम्मत दी और समझाया.
उनके बेटे ने उनसे कहा, "पापा, अगर कैंसर होना ही है, तो प्रोस्टेट शायद सबसे अच्छा है. यह धीरे-धीरे बढ़ता है और इसका इलाज पूरी तरह से संभव है."
अगले कुछ हफ्तों में, जब सरदेसाई एक्सपर्ट्स से बात कर रहे थे और टेस्ट करवा रहे थे, तो उन्हें कैंसर से बचने वाले अन्य लोगों (कैंसर सर्वाइवर्स) की कहानियाँ सुनने को मिलीं. इससे उन्हें बीमारी से लड़ने की ताकत मिली.
क्या है प्रोस्टेट कैंसर?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं की एक गांठ होती है जो प्रोस्टेट में शुरू होती है. प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि (gland) है, जो पुरुषों के प्रजनन तंत्र का हिस्सा है और सीमेन (वीर्य) बनाने में मदद करती है.
प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण
मेयो क्लिनिक का कहना है कि शुरुआती स्टेज में प्रोस्टेट कैंसर के अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते हैं. लेकिन जब लक्षण दिखाई देते हैं, तो वे ये हो सकते हैं:
- पेशाब में खून आना (जिससे पेशाब गुलाबी, लाल या कोला के रंग का दिख सकता है).
- सीमेन (वीर्य) में खून आना.
- बार-बार पेशाब आने की ज़रूरत महसूस होना.
- पेशाब शुरू करने में दिक्कत होना.
- रात में बार-बार पेशाब करने के लिए जागना.












QuickLY