Rescue of Pregnant Cow: पुणे में फायर ब्रिगेड और वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने दीवार के बीच फंसी गर्भवती गाय को दिया जीवनदान, 10 घंटे की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू (Watch Video)
Credit-(X,@fpjindia)

पुणे, महाराष्ट्र: पुणे के ताडीवाला रोड स्थित झोपड़पट्टी इलाके में एक आठ महीने की गर्भवती गाय एल-आकार की एक बेहद संकरी गली में फंस गई. जैसे ही स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी. यह घटना सुबह के समय घटी और मौके पर तुरंत दो दमकल गाड़ियां पहुंची. इस वीडियो में देख सकते है कि जिस गली में गाय फंसी हुई थी, वह कितनी संकरी थी. इस दौरान एनजीओं के लोगों ने भी फायर ब्रिगेड की मदद की और गाय को रस्सी से बांधकर बाहर निकाला गया.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर @fpjindia नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Pune Shocker: कुत्तों से बचकर तीसरी मंजिल तक चढ़ गई गाय, क्रेन से किया गया रेस्क्यू; VIDEO

पुणे में गाय को किया रेस्क्यू

डेढ़ से दो फीट चौड़ी गली बनी चुनौती

जिस गली में गाय फंसी थी, उसकी चौड़ाई मात्र दीड़ से दो फीट थी, जिससे बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल हो गया. दमकलकर्मियों ने सेफ्टी बेल्ट, रस्सी, पुली जैसे उपकरणों की मदद से गाय को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की. लेकिन गाय के अटके हुए पैरों को हिलाना और खड़ा करना आसान नहीं था.

बचाव में शामिल हुई वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम

बचाव कार्य में और मदद के लिए वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया.उन्होंने भी विशेष उपकरणों की मदद से गाय को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए. इसके बावजूद, संकरी गली और गाय की हालत के कारण हर कदम पर सावधानी बरतनी पड़ रही थी.

रिहायशी इलाके की सीढियां और चबूतरे हटाने पड़े

आखिरकार, स्थानीय निवासियों के सहयोग से गली के बाहर बने चार चबूतरे और सीढियां हटाकर जगह बनाई गई, जिससे गाय को धीरे-धीरे खींचकर बाहर लाया जा सका. इस पूरे ऑपरेशन में करीब 10 घंटे का समय लगा. जैसे ही गाय बाहर निकली, लोगों ने राहत की सांस ली और मौके पर तालियों की गूंज सुनाई दी.

फायर ब्रिगेड की लोगों ने की तारीफ

गाय की सुरक्षित रिहाई होते ही पूरे इलाके में खुशी का माहौल बन गया.लोगों ने दमकल विभाग और रेस्क्यू टीम की तारीफ करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया. कई लोग भावुक भी हो गए, क्योंकि गाय गर्भवती थी और समय पर रेस्क्यू नहीं होता तो उसकी जान को खतरा हो सकता था.

पिछले सप्ताह भी सामने आई थी ऐसी ही घटना

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी पुणे में एक गाय इमारत की दूसरी मंज़िल पर फंस गई थी, जिसे रेस्क्यू किया गया था. लगातार ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि शहर में आवारा जानवरों के प्रबंधन और संकरी गलियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को गंभीर कदम उठाने की ज़रूरत है.