दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 2020: जनता ने इन 10 राजनीतिक दलों को नाकारा, नहीं मिला 1 फीसदी भी वोट- कांग्रेस के 67 उम्मीदवारों का जमानत जब्त
दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रही है. वहीं केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी जबरदस्त हार का मुंह देखने वाली है.
Delhi Assembly Election Results 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रही है. वहीं केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी जबरदस्त हार का मुंह देखने वाली है. जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी और दिल्ली में लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस खाता भी नहीं खोल सकी. इसके अलावा सभी क्षेत्रीय पार्टियों का भी सूपड़ा साफ हो गया. दस क्षेत्रीय दलों को एक फीसदी भी वोट नहीं मिले है.
चुनाव आयोग द्वारा शाम 6.30 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक आप को 41 सीटों पर जीत मिली, जबकि 21 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं बीजेपी केवल 5 विधानसभा क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकी, जबकि 3 पर आगे है. इसके अलावा किसी भी दल को एक सीट भी नसीब नहीं हुई. जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन दिल्ली विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड गिरा. कांग्रेस को पांच फीसदी भी वोट नहीं मिले. कांग्रेस के 63 उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई. दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 2020: AAP, बीजेपी और कांग्रेस के जीते हुए उम्मीदवारों की यहां देखें पूरी लिस्ट
विधानसभा के परिणाम के रुझानों से यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अन्य राज्यों के क्षेत्रीय दलों के लिए कोई जगह नहीं है. दस क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों लोक जनशक्ति पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनता दल-यूनइटेड, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल, शिव सेना (एसएचएस) और ऑल इंडिया फॉरवार्ड ब्लॉक ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाग लिया था.
चुनाव आयोग के अनुसार, इनमें से सिर्फ दो दलों- बहुजन समाज पार्टी और जनता दल-यूनाइटेड को नोटा विकल्प से ज्यादा वोट शेयर मिला. जबकि अन्य 8 दल इससे भी नीचे रहे. अब तक के रुझानों के अनुसार नोटा को 0.47 प्रतिशत वोट मिला है। वहीं लोजपा का 0.37 प्रतिशत और राकांपा का 0.03 प्रतिशत वोट शेयर रहा. दिल्ली में जहां केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान वाम दलों ने भारी उपस्थिति दर्ज कराई, वहीं मतदान के मामले में इसे बहुत कम वोट मिला.
राष्ट्रीय राजधानी में बिहार की भारी आबादी होने के बावजूद लालू प्रसाद यादव की अगुआई वाली राजद का सिर्फ 0.03 प्रतिशत वोट शेयर रहा. इस बीच शिवसेना को 0.12 प्रतिशत वोट शेयर रहा वहीं रालोद का वोट शेयर 0.0 प्रतिशत रहा. उल्लेखनीय है कि साल वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 3 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2020 06:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

