बीजेपी नेता बी एल संतोष को दिल्ली से प्रवासी मजदूरों के पलायन में साजिश नजर आती है
पार्टी के संगठन महासचिव संतोष ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि बेंगलुरु में ऐसा कोई पलायन नहीं है जो तमिलनाडु सीमा और तमिलनाडु से लगती आंध्र प्रदेश सीमा से महज 36 किलोमीटर दूर है.
बेंगलुरु: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष (B L Santosh) को लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के पलायन में साजिश नजर आती है. पार्टी के संगठन महासचिव संतोष ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि बेंगलुरु में ऐसा कोई पलायन नहीं है जो तमिलनाडु सीमा और तमिलनाडु से लगती आंध्र प्रदेश सीमा से महज 36 किलोमीटर दूर है. संतोष ने ट्वीट किया, ‘‘तमिलनाडु सीमा बेंगलुरु से महज 36 किलोमीटर दूर है...आंध्र चेन्नई से 100 किलोमीटर से कम दूर है. प्रवासी मजदूरों का कोई पलायन नहीं. सिर्फ दिल्ली से ही क्यों...? यहां कुछ गड़बड़ है. क्या कोई साजिश कर रहा है...? लॉकडाउन का उद्देश्य विफल हो रहा है.’’
बीजेपी नेता ने सवाल किया कि क्या ‘‘कोई ऐसी ताकतें’’ हैं जो चाहती हैं कि कोरोना से लड़ाई के दौरान भारत हार जाए.उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘प्रवासी मजूदर कैमरे पर यह कहते नजर आते हैं कि उन्हें कहा गया था कि आनंद विहार में बसें उपलब्ध हैं...डीटीसी की बसें उन्हें आनंद विहार छोड़ देती हैं...’’भारत जब कोरोना से लड़ रहा है तो कुछ ताकतें चाहती हैं कि भारत हार जाए. राष्ट्र उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.’’ यह भो पढ़ें: Coronavirus: महाराष्ट्र के बुलढाणा में कोरोना से पॉजिटिव 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत, फिलहाल असली वजहों का पता नहीं
संतोष ने कहा कि लोगों को आश्रय और भोजन उपलब्ध न कराकर उन्हें पलायन के लिए प्रोत्साहित करना आपराधिक कृत्य है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोरोना वायरस के 100 से अधिक मरीज पाए गए हैं और यह स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक क्षेत्र है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बिजली, पानी काटने वाले अधिकारी...दहशत फैलाने वाले लोग, डीटीसी बसों का इंतजाम करने वाली ताकतें...राष्ट्र और अपनी अंतरात्मा के प्रति जवाबदेह होंगी. एक व्यवस्था के प्रति आपकी नफरत ने देश को जोखिम में डाल दिया है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2020 05:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

