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पटना में जलजमाव: घर में 'कैद' बच्चे ने खिड़की के नीचे से गुजर रहे बचाव दल से कहा- 'अंकल, प्लीज! खाना न सही, पानी तो भेजवा दीजिए'

"अंकल प्लीज, पानी भेजवा दीजिए. घर में नल का गंदा पानी आ रहा है. मोटर जल चुका है. घर में रखे सामानों से खाना तो बन जा रहा है और हम लोग खा भी रहे हैं, परंतु पीने को पानी नहीं है." यह दर्द 14 वर्ष के सक्षम वत्स का है, जो कंकड़बाग के शिवाजी पार्क के समीप अपने घर की खिड़की से नीचे गुजर रहे बचाव दल से कर रहा है.

पटना में जलजमाव: घर में 'कैद' बच्चे ने खिड़की के नीचे से गुजर रहे बचाव दल से कहा- 'अंकल, प्लीज! खाना न सही, पानी तो भेजवा दीजिए'
पटना में 'जलप्रलय' (Photo Credits- IANS)

"अंकल प्लीज, पानी भेजवा दीजिए. घर में नल का गंदा पानी आ रहा है. मोटर जल चुका है. घर में रखे सामानों से खाना तो बन जा रहा है और हम लोग खा भी रहे हैं, परंतु पीने को पानी नहीं है." यह दर्द 14 वर्ष के सक्षम वत्स का है, जो कंकड़बाग (Kankarbagh) के शिवाजी पार्क के समीप अपने घर की खिड़की से नीचे गुजर रहे बचाव दल से कर रहा है. पटना (Patna) के कंकड़बाग की सड़कों पर बारिश का पानी जमा (Water Logging) होने के बाद इलाके के लोग घरों में 'कैद' हैं. राहत सामग्री गिराने वाले हेलीकॉप्टर भले ही आसमान से खाने के पैकेट गिरा रहे हैं, परंतु वह नाकाफी है. करीब प्रत्येक घर में कैद सभी लोगों के सामने पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है.

कंकड़बाग के इस इलाके के घरों के बाहर कमरभर पानी है. घरों की छत, बालकनी, खिड़की आदि से लोग बचाव दल से सिर्फ पानी मांग रहे हैं. चारों तरफ पानी से घिरे लोग थोड़ी-सी सुगबुगाहट होते से ही छत पर पहुंच रहे हैं. लोग सिर्फ और सिर्फ साफ पानी की गुहार लगा रहे हैं. वत्स के पिताजी सुनील पांडेय भी अपने घर की छत से कह रहे हैं कि नीचे कमर भर पानी है. घर में रखे सत्तू, आटा और आलू से खाना तो बन जा रहा था, मगर अब आलू भी समाप्त हो गया है. उनका कहना है कि नल से आने वाला पानी भी गंदा है और अब तो इस पानी में बदबू आने लगी है. यह भी पढ़ें- तेजस्वी ने नीतीश सरकार की खोली पोल, सुशील मोदी के घर में पिछले साल पानी घुसने वाला वीडियो किया शेयर, बेतुके बयानों पर भी बरसे.

एनडीआरएफ की टीम लोगों तक हालांकि पानी पहुंचाने में जुटी है. पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि भी कहते हैं कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में मंगलवार से घर-घर पानी पहुंचाने की कोशिश प्रारंभ कर दी गई है. ट्रैक्टर से भी पानी के पाउच भेजे जा रहे हैं. हेलीकॉप्टर द्वारा ऊपर से खाने के जो पैकेट गिराए जा रहे हैं, उसमें भी पानी का पाउच है. उल्लेखनीय है कि कंकड़बाग और राजेंद्र नगर के इलाकों में मंगलवार को पानी जरूर कम हुआ है परंतु अभी भी चार-पांच फुट पानी जमा है. लोग छतों पर या ऊपरी मंजिल पर समय गुजार रहे हैं.

कंकड़बाग के बाजार समिति इलाके में लोगों की हालत और खराब है. यहां का पानी और गंदा हो गया है. यहां के रहने वाले राजेंद्र कुमार कहते हैं कि उनके "चाय दुकान में पानी भरा हुआ है. दुकान का क्या हाल है, जाकर देख भी नहीं पाया हूं." वह कहते हैं कि "चार दिनों से पानी में घिरा हूं. जब बारिश हो रही थी तब लगता था कि पानी नहीं निकल रहा है, परंतु अब बारिश रुके दो दिन हो गए आखिर पानी क्यों नहीं निकल रहा." यह भी पढ़ें- पटना में भीषण जलजमाव पर लालू प्रसाद यादव ने सुशील मोदी पर साधा निशाना, कहा- गरीबों का घर उजाड़ने वाले आज खुद रोड पर आ गए.

कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें इतने दिनों तक जलजमाव का अंदेशा ही नहीं था. ऐसे लोगों का कहना है कि ऐसा तो कभी हुआ नहीं था कि घर में खाने के लिए सबकुछ जमा कर रखा जाए. ऐसे में परेशानी बढ़ गई है. जलजमाव के आसपास के क्षेत्रों में दुकानें भी बंद हैं, लोगों को इससे भी परेशानी बढ़ी है. हालांकि कई लोग राहत महसूस करते हुए कहते हैं कि हेलीकॉप्टर से खाना गिराए जाने से राहत मिली है. घर में कैद होने से खाना-पीना मुश्किल हो गया था. अब कम से कम चूड़ा, गुड़ तो मिल जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2019 03:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).