पुणे, महाराष्ट्र: रेलवे स्टेशन पर कई बार दिल दहलानेवाले हादसे होते है. ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी या फिर चलती ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान भी कई लोग हादसों के शिकार होते है.ऐसा ही एक हादसा पुणे रेलवे स्टेशन पर सामने आया है. जहांपर चढ़ती ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक यात्री नीचे गिरने लगा और प्लेटफॉर्म पर मौजूद आरपीएफ के जवान ने इस यात्री की जान बचाई. इस घटना के बाद प्लेटफॉर्म पर काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल रहा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @prasads_jagtap नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Betul Railway Station: चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में बुजुर्ग गिरा, RPF जवान ने तुरंत दौड़कर बाहर खींचा, मौत के मुंह से बचाई जान, बैतूल का वीडियो आया सामने; VIDEO
चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में गिरा यात्री
अलीमुद्दीन'च्या मदतीला धावला पांडुरंग अन् वाचले प्राण
- विशाखापट्टणम एक्स्प्रेस पकडण्याच्या प्रयत्नात तोल गेल्याने घडला अपघात
- आरपीएफ कॉन्स्टेबल पांडुरंग चव्हाण यांचे सर्व स्तरांतून होतेय कौतुक#RPF#Railway #Pune @rpfcrpa@Central_Railway @drmpune @pudharionline @CPPuneCity pic.twitter.com/mQU77kpNgj
— prasad jagtap (@prasads_jagtap) August 3, 2025
क्या है पूरी घटना ?
यह घटना मंगलवार सुबह करीब 10:20 बजे की है. 47 साल के अलीमुद्दीन शेख नामक यात्री स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंचे ही थे कि मुंबई-विशाखापट्टणम एक्सप्रेस रवाना होने लगी. ट्रेन छूटने के डर से उन्होंने दौड़ लगाई और चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया.तभी उनका संतुलन बिगड़ा और वह गिरते-गिरते ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच की खतरनाक जगह में फंसने वाले थे.
आरपीएफ जवान पांडुरंग चव्हाण ने बचाई जान
घटना को मौके पर मौजूद आरपीएफ कांस्टेबल पांडुरंग चव्हाण ने देखा. बिना एक पल गंवाए वे फुर्ती से दौड़े और अलीमुद्दीन का हाथ पकड़कर उन्हें बाहर खींच लिया.महज कुछ सेकेंड की देरी होती तो मामला गंभीर हो सकता था. कांस्टेबल की सूझबूझ और तुरंत प्रतिक्रिया से एक जीवन बच गया.
यात्री ने आरपीएफ जवान का शुक्रिया अदा किया
अलीमुद्दीन शेख हादसे के बाद पूरी तरह घबराए हुए थे. कांस्टेबल ने उन्हें शांत किया, पानी पिलाया और बैठाकर हौसला दिया. होश में आने पर उन्होंने कहा, 'अगर आप ना होते तो मेरी जान चली जाती. आप मेरे लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं.
बहादुरी की मिसाल बन गए पांडुरंग चव्हाण
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आरपीएफ जवान सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ज़रूरत के समय रक्षक भी होते हैं. पांडुरंग चव्हाण की सतर्कता, बहादुरी और सेवा-भावना ने एक बड़ा हादसा टाल दिया और एक परिवार को अपूरणीय क्षति से बचा लिया.












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