LPG e-KYC Update: देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति और पारदर्शिता को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने सभी 33 करोड़ से अधिक घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) अनिवार्य कर दिया है. यह निर्देश विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण गैस आपूर्ति पर पड़ने वाले असर और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
क्यों जरूरी है e-KYC प्रक्रिया?
सरकार का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी कनेक्शनों की पहचान करना है. वर्तमान में वैश्विक ऊर्जा संकट और लाल सागर (Red Sea) के रास्तों में व्यवधान के कारण भारत में गैस आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है. ऐसे में e-KYC के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सब्सिडी केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे.
उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए हर वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार यह प्रमाणीकरण कराना आवश्यक है. यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो 8वें और 9वें रिफिल पर मिलने वाली 300 रुपये की सब्सिडी रोकी जा सकती है.
घर बैठे मोबाइल से e-KYC करने का आसान तरीका
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मंत्रालय ने अब 'फेस ऑथेंटिकेशन' (Face Authentication) की सुविधा शुरू की है. इसके लिए आपको गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है. आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:
- जरूरी ऐप्स डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर 'Aadhaar FaceRD' ऐप (UIDAI का आधिकारिक ऐप) और अपनी गैस कंपनी का ऐप (IndianOil ONE, HelloBPCL या HP PAY) डाउनलोड करें.
- रजिस्ट्रेशन: गैस कंपनी के ऐप पर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें.
- e-KYC विकल्प चुनें: ऐप के प्रोफाइल सेक्शन में जाकर 'e-KYC' या 'Re-KYC' के विकल्प पर क्लिक करें.
- फेस स्कैन: अपना आधार नंबर दर्ज करने के बाद कैमरा खोलें. Aadhaar FaceRD ऐप के जरिए अपना चेहरा स्कैन करें.
- सफलतापूर्वक अपडेट: वेरिफिकेशन सफल होते ही आपकी स्क्रीन पर 'e-KYC Completed' का संदेश आ जाएगा.
गैस संकट और जमाखोरी पर सरकार का रुख
पिछले कुछ दिनों में राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाहों के चलते 'पैनिक बुकिंग' देखी गई थी. हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. आपूर्ति व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए अब 90 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यमों से हो रही है.
साथ ही, सरकार ने उन परिवारों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं जिनके पास पहले से पीएनजी (PNG) कनेक्शन है. ऐसे उपभोक्ताओं को अब अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा ताकि संसाधनों का सही वितरण हो सके.













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