Raghav Chadha: बीजेपी में शामिल होते ही राघव चड्ढा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, राज्यसभा में निभाएंगे खास जिम्मेदारी
कौन हैं वो 7 सांसद जो राघव चड्ढा के साथ BJP में शामिल होंगे? देखिए पूरी लिस्ट

Raghav Chadha Appointed Chairman Of Rajya Sabha Committee: राज्यसभा के भाजपा सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन की याचिका समिति (Committee on Petitions) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा समिति के पुनर्गठन के तहत की गई है. एक आधिकारिक अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी. समिति का पुनर्गठन 20 मई को किया गया था. समिति के अन्य सदस्यों में जेबी मैथर हिशाम, हर्ष महाजन, गुलाम अली, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, सुभाषिश खुंटिया, र्वंगवरा नरजारी, संतोष कुमार पी. और शंभू शरण पटेल शामिल हैं. आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया, “राघव चड्ढा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.” Raghav Chadha Resigns: केजरीवाल को बड़ा झटका, राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में शामिल होने का ऐलान; VIDEO

राघव चड्ढा को यह अहम जिम्मेदारी हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद मिली है. उनके साथ राज्यसभा के छह अन्य सांसदों ने भी पार्टी बदली थी. अप्रैल में राज्यसभा के सात सांसद — राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता — AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे. इससे राज्यसभा में AAP की ताकत 10 से घटकर सिर्फ 3 सांसदों तक रह गई थी.

इसके बाद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर राज्य संसाधनों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था. चड्ढा ने दावा किया था कि पंजाब सरकार ने भाजपा में शामिल हुए पूर्व AAP सांसदों को निशाना बनाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर “राजनीतिक बदले की भावना” से काम किया.

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा में शामिल हुए सांसदों पर निशाना साधा था. मुख्यमंत्री मान ने कहा था, “जो लोग इस दल-बदल को समय की मांग या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के जनादेश का अपमान कर रहे हैं. यह स्वीकार्य नहीं है. ऐसी बातें करने वाले खुद भी पाला बदलने की तैयारी कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा था कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले इन सांसदों को किसी तरह की नरमी नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं.