Raghav Chadha Resigns: केजरीवाल को बड़ा झटका, राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में शामिल होने का ऐलान; VIDEO
विवरण आम आदमी पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में से एक और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे, जिससे 'आप' को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
Raghav Chadha Resigns: आम आदमी पार्टी (आप) को शुक्रवार को उस समय एक बड़ा झटका लगा जब उसके प्रमुख युवा चेहरों में से एक और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की. चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो रहे हैं और उनके साथ 'आप' के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद भी संवैधानिक प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में विलय करेंगे. इस घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है.
'आप' से इस्तीफे और भाजपा में विलय की घोषणा
राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आम आदमी पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने "सही पार्टी में गलत व्यक्ति" होने जैसा महसूस किया। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ राज्यसभा के दो-तिहाई सांसद हैं, जिनमें संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी शामिल हैं, जो भाजपा में शामिल हो रहे हैं. चड्ढा ने हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता सहित अन्य सांसदों के भी उनके साथ होने का जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया, जो उनके राजनीतिक रुख में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है. यह भी पढ़े: Manish Kashyap Joins BJP: यूट्यूबर मनीष कश्यप बीजेपी में शामिल हुए, मनोज तिवारी ने कहा- वे गरीबों का भला चाहते हैं (Watch Video)
राघव चड्ढा की PC
#WATCH दिल्ली: AAP नेता राघव चड्ढा ने कहा, "जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है... मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं... हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को दिल्ली,… pic.twitter.com/n0lhfdRYjm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 24, 2026
मतभेद और 'घुटन' का माहौल
यह घटनाक्रम पिछले कुछ हफ्तों से चल रही अटकलों के बाद सामने आया है. हाल ही में, राघव चड्ढा को 'आप' के राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया गया था, और पार्टी ने कथित तौर पर राज्यसभा सचिवालय से उन्हें बोलने का समय आवंटित न करने का अनुरोध भी किया था. चड्ढा ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी के भीतर "घुटन" के माहौल और उसके मूल आदर्शों से भटकने को मुख्य कारण बताया. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने "खून-पसीने से सींचा" और 15 साल दिए, वह अब देशहित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है.
राजनीतिक निहितार्थ
राघव चड्ढा और अन्य सांसदों का यह कदम आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर पंजाब में जहां 'आप' सत्ता में है. राज्यसभा में सांसदों का यह सामूहिक दलबदल 'आप' की संसदीय ताकत को कमजोर कर सकता है और पार्टी के भीतर आंतरिक कलह को उजागर करता है। भाजपा के लिए, यह कदम राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने और 'आप' के गढ़ में सेंध लगाने का एक अवसर प्रस्तुत करता है.आने वाले समय में इस राजनीतिक उलटफेर के दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं.
यह राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय राजनीति में दल-बदल की प्रवृत्ति और नेताओं के बदलते निष्ठाओं को एक बार फिर रेखांकित करता है. 'आप' को अब इस चुनौती का सामना करना होगा कि वह अपने नेताओं को एकजुट रखे और अपने आधार को मजबूत करे, जबकि भाजपा इस नए जुड़ाव से अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करने का प्रयास करेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2026 04:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

