Parsi Dairy Farm: मुंबई के मशहूर पारसी डेयरी फार्म का लाइसेंस निलंबित, FDA ने बताईं बड़ी वजहें
खाद्य सुरक्षा अभियान के साथ ही महाराष्ट्र FDA ने AI आधारित Citizen Grievance Portal भी लॉन्च किया है. इस पोर्टल के जरिए नागरिक मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में टेक्स्ट या वॉइस के माध्यम से मिलावटी खाद्य पदार्थ, असुरक्षित भोजन और नकली दवाओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
Why Maharashtra FDA Suspended Parsi Dairy Farm Licence: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई के प्रतिष्ठित पारसी डेयरी फार्म का FSSAI लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. विभाग की जांच में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए. इनमें दीवारों पर फंगस, कीटों का प्रकोप, खराब साफ-सफाई, कच्चे दूध के सुरक्षित रिसेप्शन की व्यवस्था का अभाव और कई डेयरी उत्पादों पर अनिवार्य 'Best Before/Use By/Date of Expiry' लेबल का न होना शामिल है. यह कार्रवाई राज्यव्यापी 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत की गई, जिसके दौरान करीब 1.9 करोड़ रुपये के मिलावटी और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए. Maharashtra News: मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र FDA का बड़ा फैसला, अस्पताल अब अपनी फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए नहीं कर सकेंगे मजबूर
क्यों निलंबित किया गया पारसी डेयरी फार्म का लाइसेंस?
FDA के मुताबिक, मरीन लाइंस स्थित पारसी डेयरी फार्म प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां मिलीं. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कच्चे दूध के लिए सुरक्षित रिसेप्शन डॉक नहीं था. उत्पादन और स्टोरेज क्षेत्र की दीवारों पर फंगस लगी हुई थी. सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी और कई कच्चे पदार्थ सीधे फर्श पर रखे गए थे. इसके अलावा कीटों और चूहों की रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. डेयरी में Effluent Treatment Plant (ETP) नहीं मिला, खाद्य कर्मियों के मेडिकल रिकॉर्ड अधूरे थे, कर्मचारियों के लिए सुरक्षात्मक जूते उपलब्ध नहीं थे और वाहनों की सफाई से जुड़े रिकॉर्ड भी नहीं मिले. कई उत्पादों पर अनिवार्य एक्सपायरी या 'बेस्ट बिफोर' लेबल भी नहीं लगाए गए थे.
FDA का कहना है कि ये सभी खामियां खाद्य पदार्थों के दूषित होने और लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं. इसलिए डेयरी का FSSAI लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है. अब कंपनी को खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण की अनुमति नहीं होगी.
राज्यभर में चला 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान
14 और 15 जुलाई को महाराष्ट्रभर में चलाए गए अभियान के तहत FDA ने 24 स्थानों पर छापेमारी की. इस दौरान करीब 2,317 लीटर दूध, 30 लीटर रिफाइंड खाद्य तेल और 6,849.25 किलोग्राम डेयरी उत्पाद, जिनकी कीमत लगभग 45.78 लाख रुपये थी, जब्त किए गए. इसके अलावा 11,947.89 किलोग्राम अन्य खाद्य पदार्थ भी जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 53.10 लाख रुपये बताई गई.
गुटखा और पान मसाला पर भी बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई. FDA ने 11 एफआईआर दर्ज कीं, 16 लोगों को गिरफ्तार किया और करीब 1.37 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित उत्पाद जब्त किए. अकोला में एक फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान करीब 1.23 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया. फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि चार आरोपियों की पहचान हुई. मुख्य आरोपी अभी फरार है.
दूध में मिलावट के मामले भी आए सामने
FDA ने गोरेगांव और गोवंडी में दूध में मिलावट के मामले भी पकड़े. कार्रवाई के दौरान 1,683 लीटर से अधिक ढीला पाश्चराइज्ड दूध नष्ट किया गया और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
AI आधारित शिकायत पोर्टल भी हुआ लॉन्च
खाद्य सुरक्षा अभियान के साथ ही महाराष्ट्र FDA ने AI आधारित Citizen Grievance Portal भी लॉन्च किया है. इस पोर्टल के जरिए नागरिक मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में टेक्स्ट या वॉइस के माध्यम से मिलावटी खाद्य पदार्थ, असुरक्षित भोजन और नकली दवाओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
FDA ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन दिखाई दे, तो उसकी तुरंत शिकायत करें, ताकि Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2026 10:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

