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Parliament Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं 7 बड़े विधेयक, FCRA संशोधन और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल पर रहेगी नजर

New Delhi, July 16: The Centre is expected to table the controversial Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 and the Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill, 2025, in the Lok Sabha during the upcoming Monsoon Session of the Parliament, the Secretary General of the Lower House stated in a bulletin.

Parliament Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं 7 बड़े विधेयक, FCRA संशोधन और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल पर रहेगी नजर

Parliament Monsoon Session 2026 Bills List: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान केंद्र सरकार लोकसभा में कई अहम विधेयक पेश कर सकती है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को लेकर है. लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार सरकार कुल सात प्रमुख विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी में है. वहीं, विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह NEET-UG पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला, E20 ईंधन और भारत की विदेश नीति जैसे मुद्दों को संसद में उठाएगा. Sonam Wangchuk Protest: जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के आंदोलन को मिला बड़ा समर्थन, 500 किसानों के साथ पहुंचे राकेश टिकैत, अरविंद केजरीवाल भी हुए शामिल

FCRA संशोधन विधेयक में क्या है?

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को पहली बार 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था. इस विधेयक का उद्देश्य देश में विदेशी फंडिंग को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना बताया गया है.

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, किसी संस्था का FCRA प्रमाणपत्र समाप्त होने, नवीनीकरण न होने या सरकार द्वारा नवीनीकरण से इनकार किए जाने की स्थिति में उसका प्रमाणपत्र स्वतः समाप्त हो जाएगा. साथ ही विदेशी अंशदान और उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन, निगरानी और निपटान के लिए एक नामित प्राधिकरण बनाने का भी प्रावधान किया गया है.

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक क्या है?

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 का उद्देश्य मौजूदा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की जगह एक नई व्यवस्था लागू करना है.

इस विधेयक के तहत पहली बार राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (INIs) को भी नियामक ढांचे के दायरे में लाने का प्रस्ताव है. हालांकि, इसके एक प्रावधान को लेकर विवाद भी है, जिसमें कहा गया है कि नया आयोग केंद्र सरकार के नीति निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा. इस पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि यह मौजूदा कानूनी व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं है. फिलहाल इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है.

मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं ये अन्य विधेयक

मानसून सत्र के दौरान सरकार निम्नलिखित अन्य विधेयक भी पेश कर सकती है.

आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026

सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026

जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026

राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक, 2026

MSME संशोधन विधेयक का उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना, छोटे उद्योगों के भुगतान संबंधी विवादों का तेजी से समाधान करना और राज्यों को एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल (MSEFC) के गठन में अधिक लचीलापन देना है.

विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा

20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल NEET-UG एवं अन्य परीक्षा पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामला, E20 ईंधन नीति और भारत की विदेश नीति जैसे मुद्दे संसद में उठा सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2026 10:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).