BJP Defends Sugar Price Rise: चीनी की बढ़ती कीमतों पर बीजेपी का राहुल गांधी पर हमला, कहा- 'गन्ने का गणित नहीं जानते, चीनी पर ज्ञान देते हैं'
The Bharatiya Janata Party on Saturday, August 29, shared a video of an elderly man discussing the ground realities of sugarcane cultivation and pricing, while criticising Congress leader Rahul Gandhi for commenting on rising sugar prices.
BJP Defends Sugar Price Rise: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार, 29 अगस्त को चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा. पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बुजुर्ग व्यक्ति का वीडियो साझा करते हुए कहा कि जो लोग "गन्ने का गणित" नहीं जानते, उन्हें चीनी की कीमतों पर ज्ञान नहीं देना चाहिए.
BJP ने पोस्ट में दावा किया कि इस बुजुर्ग ने जमीनी स्तर पर गन्ने की खेती और चीनी की कीमतों की वास्तविकता समझाकर विपक्ष के कथित "फर्जी एजेंडे" की पोल खोल दी. करीब दो मिनट लंबे इस वीडियो में बुजुर्ग DDN भारत के एक रिपोर्टर से बातचीत करते नजर आते हैं.
चीनी की कीमतों को लेकर क्यों मचा है विवाद?
त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. जहां पहले कई बाजारों में चीनी 40 से 48 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिक रही थी, वहीं अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर इसकी खुदरा कीमत 60 से 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई. 27-28 अगस्त के आसपास देशभर में औसत खुदरा कीमत करीब 64 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जबकि कुछ शहरी क्षेत्रों में इससे भी अधिक कीमत देखने को मिली.
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए थे आरोप
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत पार्टी के कई नेताओं ने केंद्र सरकार पर चीनी की संभावित कमी को समय रहते नहीं संभालने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस का कहना है कि चीनी उत्पादन में कमी, E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के तहत गन्ने का उपयोग, समय पर आयात नहीं होने और जमाखोरी जैसे कारणों से कीमतें बढ़ी हैं. पार्टी ने दावा किया कि अगस्त से नवंबर के बीच उपभोक्ताओं पर करीब 36,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी चीनी के कम स्टॉक और एथेनॉल नीति पर सवाल उठा चुके हैं.
सरकार ने बताए कीमत बढ़ने के कारण
केंद्र सरकार का कहना है कि घरेलू उत्पादन उम्मीद से कम रहने, मौसम की वजह से फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी, त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग और कुछ जगहों पर जमाखोरी के कारण चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.
सरकार ने राहत के लिए 10 लाख टन तक शुल्क मुक्त चीनी आयात की अनुमति दी है, स्टॉक सीमा लागू की है और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की है. अधिकारियों का कहना है कि एक्स-मिल कीमतों में हाल के दिनों में नरमी आई है और जल्द ही खुदरा कीमतों पर भी इसका असर दिख सकता है.
वीडियो के जरिए BJP ने राहुल गांधी को घेरा
BJP ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के बयानों पर निशाना साधते हुए लिखा कि "गन्ने का गणित नहीं जानते, लेकिन चीनी पर ज्ञान बांटते फिरते हैं. चीनी की भावनाओं पर लंबा भाषण देने वाले राहुल गांधी को इस बुजुर्ग अंकल ने ऐसा जमीनी ज्ञान दिया कि उनका फर्जी एजेंडा गुड़-गोबर हो गया."
वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति चीनी की बढ़ती कीमतों का बचाव करते नजर आते हैं. उन्होंने बढ़ती कीमतों को विपक्ष का प्रचार बताते हुए कहा, "चीनी महंगी हो गई, क्या फर्क पड़ गया?" उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर चीनी की कीमत 5,000 रुपये प्रति किलो भी हो जाए तो लोग कम चीनी खाएंगे और इससे उनकी सेहत बेहतर रहेगी. बुजुर्ग ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "राहुल गांधी कभी चीनी मिल में गए ही नहीं होंगे. उन्हें यह भी नहीं पता कि गन्ना कैसे पैदा होता है."
विपक्ष ने भी किया पलटवार
BJP की इस पोस्ट पर विपक्षी नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे वीडियो किसानों के भुगतान, गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) और किसानों व उपभोक्ताओं पर पड़ रहे असर जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं.
भारत में चीनी हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय रही है, क्योंकि इसका सीधा संबंध गन्ना किसानों, चीनी मिलों और त्योहारों के दौरान आम उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ है. चीनी की कीमतों को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच जारी यह सियासी बयानबाजी महंगाई और कृषि नीति पर दोनों दलों के बीच चल रही बहस को और तेज कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2026 07:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

