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UK Visa Fraud Case: यूके वीजा धोखाधड़ी मामले में घिरीं यूट्यूबर रामा नंदना; 4 घंटे की पूछताछ के बाद बोलीं- 'मैंने कुछ गलत नहीं किया'

विदेश में नौकरी और ब्रिटेन के वीजा का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों में घिरीं लोकप्रिय तेलुगु यूट्यूबर रामा नंदना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. हैदराबाद एयरपोर्ट पर लुकआउट नोटिस के तहत रोके जाने के बाद आंध्र प्रदेश की इब्राहिमपटनम पुलिस के समक्ष पेश हुईं नंदना से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की गई.

UK Visa Fraud Case: यूके वीजा धोखाधड़ी मामले में घिरीं यूट्यूबर रामा नंदना; 4 घंटे की पूछताछ के बाद बोलीं- 'मैंने कुछ गलत नहीं किया'
YouTuber questioned in UK visa fraud case, denies allegations (Photo Credits: X\@sudhakarudumula)

विजयवाड़ा/हैदराबाद: यूट्यूब चैनल 'नांदूस वर्ल्ड' (Nandu's World) की संचालक और ब्रिटेन में रहने वाली मशहूर तेलुगु कंटेंट क्रिएटर ए. रामा नंदना (A. Rama Nandana) कथित यूके वीजा और नौकरी धोखाधड़ी मामले में कानूनी शिकंजे में आ गई हैं. सोमवार को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (शमशाबाद) पर उतरते ही आव्रजन (Immigration) अधिकारियों ने लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर उन्हें रोक लिया था.

मंगलवार को नंदना अपनी मां और वकीलों की टीम के साथ आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले स्थित इब्राहिमपटनम पुलिस स्टेशन पहुंचीं। पूछताछ के बाद बाहर निकलते हुए उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा, "मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है. यह सब मीडिया और शिकायतकर्ताओं द्वारा तैयार किया गया है."

क्यों शुरू हुई पुलिस कार्रवाई? क्या हैं आरोप?

यह पूरा मामला इब्राहिमपटनम निवासी एम. शिवक्रांति कुमार की लिखित शिकायत के बाद दर्ज हुआ था:

  • ₹15 लाख की ठगी का आरोप: शिकायतकर्ता शिवक्रांति कुमार (जो वर्तमान में लंदन में रहते हैं) का आरोप है कि उनसे यूके वीजा विस्तार (Visa Extension), नौकरी दिलाने और स्पॉन्सरशिप सर्टिफिकेट (Certificate of Sponsorship - CoS) उपलब्ध कराने के नाम पर किस्तों में करीब ₹15 लाख लिए गए थे.
  • फर्जी दस्तावेज थमाने का दावा: पीड़ित का कहना है कि उन्हें दिया गया स्पॉन्सरशिप सर्टिफिकेट फर्जी निकला। बार-बार पैसे वापस मांगने पर केवल ₹2 लाख लौटाए गए और बाकी रकम हड़प ली गई.
  • तीन आरोपी नामजद: पुलिस ने इस मामले में रामा नंदना के पति जागरलामुडी मधुकर को मुख्य आरोपी (A-1), रामा नंदना को दूसरी आरोपी (A-2) और मधुकर के पिता मोहन राव को तीसरा आरोपी (A-3) बनाया है.

थाने में 4 घंटे चली पूछताछ; कंसल्टेंसी से झाड़ा पल्ला

सर्किल इंस्पेक्टर सुब्रमण्यम और उप-निरीक्षक (SI) राजू की टीम ने मंगलवार को रामा नंदना से लंदन आधारित 'डेस्टिनी कंसल्टेंसी' (Destiny Consultancy) के संचालन और वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल पूछे:

  • पति और एकाउंटेंट पर डाला दायित्व: पुलिस सूत्रों के अनुसार, नंदना ने दावा किया कि कंसल्टेंसी के संचालन और वित्तीय मामलों में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है. उन्होंने बताया कि इस फर्म को उनके पति मधुकर और एक एकाउंटेंट संभालते हैं.
  • बैंक खातों की होगी फोरेंसिक जांच: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे उन सभी निजी और व्यावसायिक बैंक खातों की जांच कर रहे हैं, जिनमें पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे.
  • 16 सितंबर को दोबारा पेशी: जांच अधिकारियों ने कहा कि नंदना कई वित्तीय सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं, जिसके चलते उन्हें 16 सितंबर 2026 को दोबारा पेश होने का औपचारिक नोटिस जारी किया गया है.

यूट्यूबर रामा नंदन ने वीज़ा धोखाधड़ी मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया: ‘मैंने कुछ भी गलत नहीं किया’

प्रकाशम जिले में भी केस दर्ज; कई अन्य पीड़ितों के सामने आने का दावा

इब्राहिमपटनम के अलावा आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के अड्डांकी (Addanki) पुलिस स्टेशन में भी नंदना और उनके पति के खिलाफ इसी तरह के वीजा धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं.

  • कई अन्य बेरोजगार युवकों ने पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया है कि डेस्टिनी कंसल्टेंसी के जरिए यूके में स्थायी रोजगार का लालच देकर उनसे लाखों रुपये वसूले गए.
  • पुलिस के मुताबिक, नंदना ने दावा किया है कि उनके पति मधुकर भी अगले दो से तीन हफ्तों में ब्रिटेन से भारत लौटकर जांच में पूरा सहयोग करेंगे.

बिग बॉस तेलुगू 10 में एंट्री की अफवाहों पर भी चर्चा

विदेश से भारत लौटते ही हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि नंदना 'बिग बॉस तेलुगू 10' में वाइल्डकार्ड एंट्री के सिलसिले में भारत आई थीं. हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में पूरा मामला केवल वित्तीय और वीजा धोखाधड़ी की आपराधिक जांच तक सीमित है, और बैंक रिकॉर्ड्स तथा डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई (चार्जशीट अथवा गिरफ्तारी) तय की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2026 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).