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Mumbai Rape Case: तकनीकी जांच से मिले सुराग के बाद मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रेप के मामलों में 30 साल से फरार दो आरोपी गिरफ्तार

समता नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी सुकेन शिवसागर विश्वकर्मा (53 वर्ष) के खिलाफ वर्ष 1997 में एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था. शुरुआती जांच के दौरान उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन इसके बाद वह लगातार अदालत की तारीखों से अनुपस्थित रहने लगा.

Mumbai Rape Case: तकनीकी जांच से मिले सुराग के बाद मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रेप के मामलों में 30 साल से फरार दो आरोपी गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

Mumbai Rape Case:  मुंबई पुलिस ने गंभीर अपराधों में लगभग तीन दशकों से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. आरोपी पहचान बदलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में रह रहे थे. समता नगर और दिंडोशी पुलिस की टीमों ने गुप्त सूचनाओं, मानव तंत्र (इन्फॉर्मर नेटवर्क) और तकनीकी निगरानी की मदद से कांदिवली ईस्ट और बांद्रा ईस्ट से दोनों को दबोच लिया.

कांदिवली ईस्ट से पकड़ा गया सुकेन विश्वकर्मा

समता नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी सुकेन शिवसागर विश्वकर्मा (53 वर्ष) के खिलाफ वर्ष 1997 में एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था. शुरुआती जांच के दौरान उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन इसके बाद वह लगातार अदालत की तारीखों से अनुपस्थित रहने लगा.   यह भी पढ़े:  Mumbai Rape Case: मुंबई में नाबालिग से नए साल पर दुष्कर्म, 50 साल के आरोपी पर एफआईआर दर्ज

अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने नए सिरे से उसकी तलाश शुरू की. उपनिरीक्षक अंकुश गायकवाड़ और भीमेश कोटला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसके पुराने पतों और स्थानीय नेटवर्क को खंगाला. तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सटीक सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी कांदिवली ईस्ट के ठाकुर विलेज स्थित जीवा ला पाड़ा में पहचान बदलकर रह रहा था, जहां घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

बेहरामपाड़ा झुग्गी बस्ती से मोहम्मद सैयद की गिरफ्तारी

दूसरे मामले में, दिंडोशी पुलिस ने मोहम्मद मुस्तफा सैयद (48 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जो वर्ष 1995 में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में फरार था. अपराध के समय आरोपी के नाबालिग होने के कारण डोंगरी स्थित जुवेनाइल कोर्ट ने उसके खिलाफ तलाशी वारंट जारी किया था.

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी बांद्रा ईस्ट की घनी आबादी वाली बेहरामपाड़ा झुग्गी बस्ती में छिपा हुआ है. घनी बस्ती के कारण आरोपी की पहचान करना चुनौतीपूर्ण था. इसके बाद पुलिस टीम ने चार दिनों तक भेष बदलकर इलाके में रेकी की. पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने लकड़ीवाला लेन से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे जुवेनाइल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया.

तकनीक और स्थानीय नेटवर्क का समन्वय

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दशकों पुराने मामलों में आरोपियों को ट्रैक करना काफी कठिन होता है क्योंकि वे अपने नाम, पते और पहचान बदल लेते हैं. हालांकि, पुलिस टीमों ने अपने स्थानीय संपर्कों, तकनीकी डेटा विश्लेषण और विवेकपूर्ण पूछताछ के जरिए दोनों आरोपियों का सही स्थान ट्रेस करने में सफलता हासिल की.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2026 11:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).