पश्चिम बंगाल: पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस ने दी सुरक्षा (Watch Video)
विक्रम साव (Photo Credits: File Image)

झाड़ग्राम, 23 मई: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के झाड़ग्राम जिले (Jhargram District) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  को पारंपरिक 'झालमुड़ी' (Jhalmuri) परोसने वाले एक स्थानीय स्ट्रीट वेंडर विक्रम साव (Vikram Sao)ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं. शनिवार को मीडिया से बातचीत में विक्रम ने पुष्टि की कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा फोन और वॉट्सऐप संदेश आया है, जिसके बाद उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित दुकानदार को सुरक्षा घेरा प्रदान किया है.

विक्रम साव ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से कहा, 'मुझे एक धमकी भरा कॉल और वॉट्सऐप मैसेज मिला है. मैंने इसके बारे में तुरंत पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई. सुरक्षा कारणों से पुलिस प्रशासन द्वारा मुझे पुलिस सुरक्षा (Police Security) मुहैया कराई गई है. ' यह भी पढ़ें: Operation Sindoor: 'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी पर पीएम मोदी ने X पर बदली अपनी प्रोफाइल पिक्चर, भारतीय सेना के शौर्य को दी श्रद्धांजलि

कृष्णानगर चुनावी रैली से जुड़ी है पृष्ठभूमि

इस पूरे विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. इस रैली के दौरान झाड़ग्राम के रहने वाले विक्रम साव ने प्रधानमंत्री को बंगाल का प्रसिद्ध स्नैक 'झालमुड़ी' परोसा था.

पीएम मोदी द्वारा एक साधारण वेंडर से झालमुड़ी खाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे. विक्रम का आरोप है कि प्रधानमंत्री को झालमुड़ी खिलाने के बाद से ही कुछ असामाजिक तत्व उनसे रंजिश रखने लगे थे, जो अब सीधे तौर पर धमकी के रूप में सामने आया है.

जान से मारने की धमकी मिलने के बाद झालमुड़ी विक्रेता विक्रम साहू ने बात की।

भाजपा नेता दिलीप घोष की तीखी प्रतिक्रिया

झालमुड़ी विक्रेता को मिली धमकी की खबर सार्वजनिक होने के बाद पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री दिलीप घोष ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने कहा कि देश में डर और तनाव का माहौल पैदा करने की ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इससे पूरी कड़ाई से निपटा जाएगा.

दिलीप घोष ने कहा, "कुछ लोग ऐसे कृत्य करके भारत में जानबूझकर तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं. लेकिन वह समय अब चला गया है. अब हमारी सरकार है (नवगठित भाजपा सरकार के संदर्भ में). ऐसी हरकतों का बहुत अच्छे से और कानून के दायरे में कड़ा जवाब दिया जाएगा.'

'बुलडोजर संस्कृति' और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना

इसी दौरान दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा पार्टी विधायकों के साथ 'बुलडोजर संस्कृति' के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए बुलाई गई बैठक पर भी तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चाएं और बैठकें तब अधिक सार्थक होतीं जब वे मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता में सक्रिय थीं.

घोष ने आरोप लगाया, "पहले मुख्यमंत्री को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि बंगाल में क्या हो रहा है. यदि जो बैठकें वे आज हारने के बाद कर रही हैं, वे पहले की गईं होतीं और जनता के दुखों को समझा गया होता, तो आज पश्चिम बंगाल का परिदृश्य कुछ और ही होता. उस समय प्रशासन लोगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहा था." फिलहाल, पुलिस धमकी देने वाले कॉलर के आईपी एड्रेस और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) की तकनीकी जांच कर रही है.