8th Pay Commission: 7वें वेतन आयोग जैसा 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? समझें पे-मैट्रिक्स और वेतन वृद्धि का पूरा गणित
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन संशोधन की कवायद तेज हो गई है. कर्मचारी संघों द्वारा 1.83 से 3.83 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग के बीच यदि सरकार 7वें वेतन आयोग की तरह 2.57 का फिटमेंट फैक्टर बरकरार रखती है, तो लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक के कर्मचारियों का मूल वेतन कितना बढ़ जाएगा?
नई दिल्ली: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन के बाद से ही केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर चर्चाएं तेज हैं. आयोग वर्तमान में कर्मचारियों के वेतन ढांचे (Pay Matrix), भत्तों (DA, HRA आदि) और पेंशन नियमों में तार्किक व व्यावहारिक बदलावों का मूल्यांकन कर रहा है.
वेतन संशोधन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की होती है. विभिन्न कर्मचारी संघ 1.83 से लेकर 3.83 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं. हालांकि, यदि 8वां वेतन आयोग भी 7वें वेतन आयोग की तर्ज पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश करता है, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹46,260 प्रति माह हो जाएगा. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग का राज्यों का दौरा शुरू; जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ की तारीखें व समय-सीमा जारी
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और कैसे होती है गणना?
फिटमेंट फैक्टर एक गणितीय गुणक (Mathematical Multiplier) है, जिसका उपयोग वेतन आयोग मौजूदा बेसिक सैलरी को नए संशोधित वेतनमान में बदलने के लिए करता है.
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वेतन निर्धारण का फॉर्मूला:
संशोधित बेसिक पे = वर्तमान बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर -
7वें वेतन आयोग का उदाहरण: 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके चलते न्यूनतम मूल वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 (यानी ₹7,000 × 2.57 = ₹17,990, जिसे राउंड फिगर में ₹18,000 किया गया) हो गया था.
2.57 फिटमेंट फैक्टर पर विभिन्न पे-लेवल का संभावित वेतन
यदि 8वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो पे-मैट्रिक्स के विभिन्न स्तरों पर न्यूनतम बेसिक सैलरी का अनुमानित गणित इस प्रकार रहेगा:
| पे-मैट्रिक्स स्तर (Pay Level) | 7वें वेतन आयोग के तहत बेसिक सैलरी | 8वें वेतन आयोग में अनुमानित बेसिक सैलरी (2.57x) |
| Level 1 (न्यूनतम स्तर) | ₹18,000 | ₹46,260 |
| Level 2 | ₹19,900 | ₹51,143 |
| Level 3 | ₹21,700 | ₹55,769 |
| Level 4 | ₹25,500 | ₹65,535 |
| Level 5 | ₹29,200 | ₹75,044 |
| Level 6 | ₹35,400 | ₹90,978 |
| Level 7 | ₹44,900 | ₹1,15,393 |
| Level 10 (अधिकारी वर्ग) | ₹56,100 | ₹1,44,177 |
| Level 13 | ₹1,23,100 | ₹3,16,367 |
| Level 18 (कैबिनेट सचिव स्तर) | ₹2,50,000 | ₹6,42,500 |
परामर्श का दौर: राज्यों के दौरे और विशेषज्ञों की नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह आयोग वर्तमान में विभिन्न राज्यों का दौरा कर कर्मचारी संघों और रेलवे व रक्षाकर्मियों के प्रतिनिधियों से सीधे सुझाव प्राप्त कर रहा है:
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आयोग के अन्य प्रमुख सदस्यों में पूर्व आईएएस पंकज जैन (सदस्य-सचिव) और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रो. पुलक घोष शामिल हैं.
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आयोग ने कर्मचारी संघों से सुझाव और डेटा संग्रह की प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभिन्न पे-स्केल और विषयों के लिए 23 सलाहकारों (Consultants) की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू की है.
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अगस्त और सितंबर के दौरान जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं.
कब तक आ सकती है रिपोर्ट और कब से मिलेगा लाभ?
8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक प्रस्तुत होने की संभावना है.
हालांकि, ऐतिहासिक रुझानों और पूर्व वेतन आयोगों की प्रक्रियाओं के अनुसार, सिफारिशें आने और कैबिनेट की मंजूरी के बाद नए पे-स्केल और भत्तों को पूर्ण रूप से लागू करने में दो से तीन साल का समय लग सकता है, जिससे इसका वास्तविक क्रियान्वयन 2029 या 2030 तक संभव हो सकेगा. इसके बावजूद, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 की संदर्भ तिथि से एरियर का भुगतान किए जाने की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2026 08:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

