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8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग में क्या होंगे बदलाव? जानिए परामर्श प्रक्रिया, फिटमेंट फैक्टर और कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी

7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है, जिसके बाद नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 की संदर्भ तिथि से लागू माना जाएगा. हालांकि, आयोग को अपनी विस्तृत सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग में क्या होंगे बदलाव? जानिए परामर्श प्रक्रिया, फिटमेंट फैक्टर और कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी
8th Pay Commission Latest News (Photo Credits: File Photo)

8th Pay Commission Update:  केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं. न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग ने देशभर के विभिन्न शहरों में कर्मचारी संघों और हितधारकों (Stakeholders) से परामर्श की प्रक्रिया तेज कर दी है. सितंबर में चंडीगढ़ के बाद अब अक्टूबर महीने में बेंगलुरु और मुंबई में महत्वपूर्ण परामर्श बैठकें आयोजित होने जा रही हैं.

7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है, जिसके बाद नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 की संदर्भ तिथि से लागू माना जाएगा. हालांकि, आयोग को अपनी विस्तृत सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

बेंगलुरु और मुंबई में परामर्श बैठक

8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के प्रतिनिधियों से सीधे सुझाव प्राप्त कर रहा है.

  • आगामी बैठकें: आधिकारिक सूचना के अनुसार, 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में तथा 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में आयोग की महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित की गई हैं.

  • सुझाव एवं ज्ञापन: कर्मचारी संगठन अपनी-अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं, जिनमें न्यूनतम वेतन, भत्ते और फिटमेंट फैक्टर को लेकर मुख्य मांगें शामिल हैं.

फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में कितना हो सकता है इजाफा?

7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 तय हुई थी. 8वें वेतन आयोग में कर्मचारी संघों ने इसे बढ़ाकर 2.86 से 3.5 से अधिक करने की मांग रखी है.

  • संभावित फिटमेंट फैक्टर: बाजार विशेषज्ञों और कर्मचारी यूनियनों के अनुमानों के अनुसार, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.85 के बीच तय होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में लगभग 25% से 35% तक का इजाफा हो सकता है.

  • न्यूनतम वेतन: वर्तमान में मौजूद ₹18,000 का न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर ₹41,000 से ₹50,000 के आसपास पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है.

पेंशनभोगियों को मिलेगा बड़ा लाभ

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से देश के लगभग 49 लाख कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 से 68 लाख सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा.

  • न्यूनतम पेंशन में सुधार: वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹9,000 प्रति माह है, जिसे नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बढ़ाकर ₹20,000 से ₹25,000 प्रति माह तक किया जा सकता है.

  • महंगाई भत्ता (DA): 1 जनवरी 2026 की प्रभावी तिथि से नए मूल वेतन के आधार पर महंगाई भत्ते की गणना को पुनर्गठित किया जाएगा.

एरिस (Arrears) और कार्यान्वयन की समय-सीमा

यद्यपि 8वें वेतन आयोग की संदर्भ तिथि 1 जनवरी 2026 निर्धारित है, लेकिन आयोग द्वारा रिपोर्ट तैयार करने और कैबिनेट की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में समय लगने के कारण इसे पूर्ण रूप से लागू होने में कुछ महीनों का समय लग सकता है.

ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2026 से कार्यान्वयन की तारीख तक का पूरा बकाया (Arrears) एकमुश्त प्रदान किया जाएगा

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2026 10:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).