Ladki Bahin Yojana e-KYC Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के तहत जिन लाभार्थियों की ई-केवायसी (e-KYC) प्रक्रिया अधूरी रह गई है, उनके लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है. सरकार ने साफ किया है कि30 अप्रैल 2026 को अंतिम समयसीमा समाप्त होने के बाद, ई-केवायसी के लिए कोई नई तारीख घोषित नहीं की गई है. सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को भी खारिज कर दिया गया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि महिलाएं जिला कार्यालयों में ऑफलाइन दस्तावेज जमा कर सकती हैं.
अफवाहों पर सरकार का आधिकारिक रुख
हिंगोली, सोलापूर और नंदुरबार सहित राज्य के कई जिलों में महिला विकास कार्यालयों के बाहर लाभार्थी महिलाओं की भारी भीड़ देखी जा रही थी. सोशल मीडिया पर यह चर्चा थी कि 30 अप्रैल के बाद जिला महिला विकास विभागों में ऑफलाइन माध्यम से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana: e-KYC वेरिफिकेशन के बाद करीब 70 लाख महिलाएं सूची से बाहर, पात्र लाभार्थियों के खातों में मार्च और अप्रैल के ₹3000 जमा
इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई नया निर्देश जारी नहीं किया गया है. नंदुरबार जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय पाटिल ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने निर्धारित समय तक ई-केवायसी पूरा नहीं किया है, उन्हें फिलहाल कोई नया मौका नहीं दिया जा रहा है.
क्यों अनिवार्य की गई थी ई-केवायसी?
राज्य सरकार ने योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के लिए आधार-आधारित ई-केवायसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया था. इस जांच प्रक्रिया के दौरान डेटाबेस में कई विसंगतियां सामने आईं.
अधिकारियों के मुताबिक, कई मामलों में गलत जानकारियां दी गई थीं, जबकि कुछ जगहों पर नियमों के विपरीत पुरुषों के नाम भी पंजीकृत पाए गए थे. इन विसंगतियों को दूर करने के लिए ही सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. गलत तरीके से लाभ उठाने वाले करीब १२ हजार से अधिक पुरुष लाभार्थियों से राशि वसूल करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है.
लाभार्थियों की मौजूदा स्थिति
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पात्र लाभार्थी: राज्य में अब तक लगभग 1 करोड़ 77 लाख महिलाएं इस योजना के लिए पूरी तरह पात्र पाई गई हैं.
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बंद हुए खाते: ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी न होने और अन्य तकनीकी कारणों से राज्य में बड़ी संख्या में महिलाओं का लाभ फिलहाल रुक गया है.
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मासिक सहायता: योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह १,५०० रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है.
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले लाभार्थियों को ई-केवायसी में सुधार के लिए कई बार समयसीमा बढ़ाई गई थी और 30 अप्रैल 2026 को आखिरी अवसर दिया गया था. फिलहाल बिना किसी नए सरकारी आदेश के जिला स्तर के कार्यालयों में कोई भी दस्तावेज जमा नहीं किए जा सकेंगे.



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