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ChatGPT Go Free: OpenAI का बड़ा तोहफा, भारतीय यूजर्स के लिए चैटजीपीटी एक साल के लिए फ्री, ऐसे करें एक्टिवेट

Free ChatGPT Go: OpenAI ने भारत में अपने चैटजीपीटी गो प्लान को एक साल के लिए मुफ्त कर दिया है, जिससे यूज़र्स बिना सब्सक्रिप्शन शुल्क के एडवांस्ड एआई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.

ChatGPT Go Free: OpenAI का बड़ा तोहफा, भारतीय यूजर्स के लिए चैटजीपीटी एक साल के लिए फ्री, ऐसे करें एक्टिवेट
ChatGPT Go Free Plan

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए ओपनएआई (OpenAI) ने एक बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने घोषणा की है, कि उसका चैटजीपीटी गो प्लान (ChatGPT Go Plan) अब भारतीय यूज़र्स के लिए पूरे एक साल तक बिल्कुल मुफ्त रहेगा. यह सुविधा 4 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है, और फिलहाल चैटजीपीटी की वेबसाइट और एंड्रॉयड ऐप पर उपलब्ध है, जबकि आईओएस (iOS) यूज़र्स को अगले सप्ताह तक यह अपडेट मिलेगा. इस ऑफर के तहत अब यूज़र्स बिना किसी शुल्क के चैटजीपीटी की एडवांस्ड और प्रीमियम सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे.

चैटजीपीटी गो क्या है? (What is ChatGPT Go?)

चैटजीपीटी गो ओपनएआई का एक मिड-टियर सब्सक्रिप्शन प्लान है, जिसकी सामान्य कीमत लगभग 5 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 400 रुपये प्रति माह होती है. यह प्लान फ्री वर्जन की तुलना में 10 गुना अधिक उपयोग की सीमा, तेज़ और अधिक स्मार्ट एआई जवाब, और लंबे चैट सेशन की सुविधा देता है. इसमें यूज़र्स को फाइल अपलोड करने, इमेज बनाने, दस्तावेज़ों का सारांश निकालने और किसी भी डेटा या कंटेंट का गहराई से विश्लेषण करने जैसी प्रीमियम सुविधाएँ मिलती हैं. साथ ही, इसमें जोड़ा गया खास ‘मेमोरी फीचर’ चैटजीपीटी को पुराने संवाद याद रखने और भविष्य में और भी पर्सनलाइज़्ड (व्यक्तिगत) जवाब देने में मदद करता है.

भारत में एआई को बढ़ावा देने की बड़ी पहल

भारत अब अमेरिका के बाद ओपनएआई का दूसरा सबसे बड़ा यूज़र बेस बन गया है. शिक्षा, बिजनेस, कोडिंग और क्रिएटिव क्षेत्रों में चैटजीपीटी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में कंपनी का यह कदम भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  के उपयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

ओपनएआई का कहना है, कि यह योजना भारतीय यूज़र्स को अपने एआई टूल्स से बेहतर तरीके से जोड़ने और लंबे समय तक इसके इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है. यह पहल भारत सरकार के 'इंडियाएआई मिशन' (IndiaAI Mission) के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसका मकसद देशभर में एआई शिक्षा और इनोवेशन को बढ़ावा देना है.

कंपनी शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों के साथ साझेदारी में काम कर रही है ताकि यह तकनीक सिर्फ बड़े शहरों तक नहीं, बल्कि ग्रामीण और छोटे कस्बों तक भी पहुँच सके।

मौजूदा सब्सक्राइबर्स को ऑटो-अपग्रेड

ओपनएआई ने बताया है कि जिन भारतीय यूज़र्स के पास पहले से चैटजीपीटी गो की पेड सदस्यता है, उन्हें अब स्वचालित रूप से 12 महीने की मुफ्त योजना में अपग्रेड कर दिया जाएगा. इसके लिए यूज़र्स को न तो अपनी पुरानी सदस्यता रद्द करनी होगी और न ही दोबारा सब्सक्राइब करने की ज़रूरत पड़ेगी - नई फ्री एक्सेस अपने आप उनके अकाउंट पर सक्रिय हो जाएगी.

एक साल की अवधि पूरी होने के बाद, यूज़र्स चाहें तो नियमित शुल्क देकर इस प्लान को जारी रख सकते हैं, या अपनी सदस्यता समाप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं.

कैसे पाएं चैटजीपीटी गो का मुफ्त एक्सेस

यह ऑफर फिलहाल वेब और एंड्रॉइड (Android) प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है, जबकि आईओएस यूज़र्स को यह सुविधा अगले सप्ताह मिलेगी. यूज़र्स को बस चैटजीपीटी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर लॉगिन या साइन अप करना होगा, जिसके बाद योग्य यूज़र्स को ‘चैटजीपीटी गो’ फीचर मुफ्त में सक्रिय करने का विकल्प दिखाई देगा.

यह नया प्लान अब ‘GPT-5’ मॉडल पर आधारित है, जो पहले की तुलना में तेज़, अधिक सटीक और लंबी बातचीत को बेहतर ढंग से संभालने में सक्षम है. इसके साथ ही, यह इमेज क्रिएशन, फाइल अपलोडिंग और कंटेंट जनरेशन जैसी उन्नत सुविधाएँ भी प्रदान करता है - जिससे यूज़र्स काम, पढ़ाई या व्यक्तिगत जरूरतों से जुड़ी हर गतिविधि को और प्रभावी ढंग से कर सकेंगे.

भारत में बढ़ती एआई प्रतिस्पर्धा

ओपनएआई का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. हाल ही में पर्प्लेक्सिटी एआई (Perplexity AI) ने भी भारती एयरटेल यूज़र्स के लिए अपने प्रीमियम ‘पर्प्लेक्सिटी प्रो’ (Perplexity Pro) टियर को एक साल के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया था.

अब जब कई वैश्विक टेक कंपनियाँ भारत में अपने एआई टूल्स को फ्री या रियायती दरों पर उपलब्ध करा रही हैं, तो भारत धीरे-धीरे वैश्विक एआई अपनाने (AI Adoption) का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. यह देश में डिजिटल इनोवेशन और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2025 09:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).