नीतीश कुमार की लास्ट कैबिनेट बैठक
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
नीतीश कुमार ने हाल ही में 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी. संसदीय परंपराओं के अनुसार, उच्च सदन के सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद से उनका इस्तीफा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। 21 वर्षों से अधिक समय तक राज्य की बागडोर संभालने वाले नीतीश कुमार के इस फैसले को उनके राजनीतिक करियर का एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. यह भी पढ़े: Bihar New CM: बिहार में BJP से सम्राट चौधरी बन सकते हैं नए मुख्यमंत्री, रेस में नाम सबसे आगे; नीतीश के बेटे निशांत कुमार को सौंपी जा सकती है डिप्टी सीएम की कमान
कौन बनेगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?
इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एनडीए (NDA) गठबंधन अपने नए नेता का चुनाव करेगा। बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस बात की प्रबल चर्चा है कि राज्य की कमान पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हाथ में होगी।
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सम्राट चौधरी सबसे आगे: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है.
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निशांत कुमार की भूमिका: नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें जदयू (JD-U) के कोटे से उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
आगे की प्रक्रिया और शपथ ग्रहण
सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया आज तेजी से आगे बढ़ रही है। एनडीए विधायक दल की बैठक में आज नए नेता का चुनाव किया जाएगा, जिसके बाद गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के 15 अप्रैल 2026 को पटना में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना है। राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें अब भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के गठन पर टिकी हैं













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