Sex Enhancement Pills Scam: सेक्स स्टैमिना टैबलेट के नाम पर 4000 लोगों से ठगी, राजकोट पुलिस ने 9 आरोपी दबोचे
गुजरात पुलिस ने राजकोट में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, इस रैकेट ने देशभर में करीब 4,000 लोगों को नकली "सेक्स स्टैमिना टैबलेट्स" बेचकर ठगी कर चुके हैं. यह गिरोह एलोपैथिक दवाओं से सेक्स स्टैमिना बढ़ाने और डायबिटीज कंट्रोल करने का दावा कर यह दवाएं बेचता था...
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गुजरात, 6 अक्टूबर: गुजरात पुलिस ने राजकोट में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, इस रैकेट ने देशभर में करीब 4,000 लोगों को नकली "सेक्स स्टैमिना टैबलेट्स" बेचकर ठगी कर चुके हैं. यह गिरोह एलोपैथिक दवाओं से सेक्स स्टैमिना बढ़ाने और डायबिटीज कंट्रोल करने का दावा कर यह दवाएं बेचता था. पुलिस ने राजकोट शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर भयावदर कस्बे में स्थित एक कॉल सेंटर पर छापेमारी की. यह गिरोह करीब एक साल से सक्रीय था और लोगों से झूठे दावे कर मोटी रकम वसूलता था. इस झांसे में फंसे लोगों के अनुसार दवाइयां कारगर ही नहीं थीं. पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी, जबरन वसूली और छद्मवेश धारण करने का मामला दर्ज किया गया है. इस घोटाले का मास्टरमाइंड किशन अभी फरार है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है. यह भी पढ़ें: Illegal Surrogacy Racket Busted in Hyderabad: हैदराबाद में अवैध सरोगेसी रैकेट मामले में ईडी का एक्शन, 9 स्थानों से जब्त किए दस्तावेज
राजकोट में सेक्स स्टैमिना टैबलेट घोटाला
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घोटाला एक कॉल सेंटर के जरिए चल रहा था. इसमें 19 से 24 साल के आठ लोग काम करते थे. इस कॉल सेंटर को 27 साल का दर्शक मकड़िया चलाता था. ये टेली कॉलर ग्राहकों तक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के जरिए पहुंचते थे और उनका डेटा जुटाते थे और उनसे सेक्स स्टैमिना टैबलेट खरीदने के लिए राजी करते थे. 120 रूपये उत्पादन लागते वाले टेबलेट्स को ये 1200 रुपये में भेजते थे.
पीड़ितों को धमकाया गया
कई पीड़ितों ने यह आरोप लगाया है कि जब उन्होंने शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें झूठे पुलिस केस में फंसाने या उनकी निजी जानकारी उजागर करने की धमकी दी गई. इसलिए वे चुप बैठ गए.
आरोपियों ने अपने काम एक दूसरे में बांट रखे थे
सभी आरोपियों ने एक दूसरे को जिम्मेदारियां सौंप रखी थीं. मुख्य आरोपी दर्शक मकड़िया कॉल सेंटर के संचालन की निगरानी करता था और ग्राहकों से बातचीत व ऑर्डर की पुष्टि का काम संभालता था. वहीं, किशन, जो पहले अहमदाबाद की एक फार्मास्युटिकल कंपनी में काम कर चुका है, उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और पेमेंट की व्यवस्था देखता था.
ये गिरोह ग्रामीन और लोअर मिडल क्लास लोगों को निशाना बनाता था. ये लोग तेज़ असर वाले इलाज की उम्मीद में आसानी से विश्वास कर लेते थे, जिसका गिरोह ने फायदा उठाया. पुलिस को पिछले दो महीनों में ठगे गए लगभग 4,000 ग्राहकों का डिजिटल रिकॉर्ड मिला है, जबकि पुराने डेटा को कथित रूप से डिलीट कर दिया गया है. पुलिस ने कॉल सेंटर से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. साथ ही, पुलिस जब्त की गई दवाओं का भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी सामग्री और सुरक्षा स्तर क्या है.
फरार आरोपी किशन की तलाश में पुलिस की एक टीम अहमदाबाद भेजी गई है, जबकि गिरफ्तार सह-साजिशकर्ताओं से पूछताछ जारी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 06, 2025 09:13 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

