मुंबई/पुणे, 1 मई: मुंबई (Mumabi) और पुणे (Pune) के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है. बहुप्रतीक्षित 'मिसिंग लिंक' (Missing Link) परियोजना का उद्घाटन आज दोपहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) द्वारा किया जाएगा. हालांकि, आम वाहन चालकों के लिए यह रास्ता 2 मई की सुबह से पूरी तरह खुलेगा. उद्घाटन समारोह के बाद पंडाल हटाने और साइट की सफाई की प्रक्रिया के कारण सार्वजनिक पहुंच में कुछ घंटों की देरी होगी. एमएसआरडीसी (MSRDC) के अधिकारियों के अनुसार, देर रात तक सभी बाधाएं हटा दी जाएंगी ताकि शनिवार सुबह से सुचारू यातायात शुरू हो सके. यह भी पढ़ें: Mumbai-Pune Expressway: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 1 मई को होगा शुरू, यात्रा समय में 30 मिनट की होगी कमी
शुरुआती 6 महीनों के लिए प्रवेश नियम
मिसिंग लिंक के खुलने के बाद पहले चरण में सभी प्रकार के वाहनों को अनुमति नहीं दी गई है। 1 मई से 31 अक्टूबर 2026 तक केवल चुनिंदा श्रेणियों के वाहन ही इस रूट का उपयोग कर सकेंगे:
- अनुमति प्राप्त वाहन: निजी कारें, हल्के मोटर वाहन (LMV), यात्री बसें और अन्य यात्री वाहन.
- प्रतिबंधित वाहन: मालवाहक वाहनों (Goods Vehicles) को फिलहाल इस मार्ग से दूर रखा गया है. 1 नवंबर को सुरक्षा समीक्षा के बाद ही भारी वाहनों पर निर्णय लिया जाएगा.
इन वाहनों पर रहेगा स्थायी प्रतिबंध
सुरक्षा कारणों से, खतरनाक, ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर इस 'मिसिंग लिंक' रूट पर स्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे टैंकर और वाहन एक्सप्रेसवे के पुराने घाट वाले रास्ते का ही उपयोग जारी रखेंगे. यह निर्णय पिछले वर्षों में घाट सेक्शन में हुए टैंकर विस्फोटों और रासायनिक रिसाव जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि नए रूट का एक बड़ा हिस्सा सुरंगों (Tunnels) से होकर गुजरता है.
गति सीमा और टोल नीति
नए खंड पर सुव्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करने के लिए गति सीमा तय कर दी गई है:
- कारों के लिए: अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा.
- बसों के लिए: अधिकतम 80 किमी प्रति घंटा.
राहत की बात यह है कि इस नए खंड के उपयोग के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त टोल नहीं देना होगा। परियोजना की लागत को पहले ही टोल संशोधनों में शामिल किया जा चुका है. यह भी पढ़ें: ‘Missing Link’ Project: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक', 30 मिनट बचेगा सफर; मई 2026 में खुलने जा रहा है देश का आधुनिक इंजीनियरिंग अजूबा
मिसिंग लिंक क्यों है महत्वपूर्ण?
यह नई सड़क सह्याद्रि की पहाड़ियों के बीच सुरंगों के नेटवर्क का उपयोग करके एक्सप्रेसवे के पुराने और कठिन घाट खंड को बाईपास करती है. एमएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार गायकवाड़ के अनुसार, "मिसिंग लिंक घाट सेक्शन में लगने वाले ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान है. इससे न केवल दुर्घटनाएं कम होंगी, बल्कि दोनों शहरों के बीच की यात्रा अधिक तेज और विश्वसनीय हो जाएगी."
यह कॉरिडोर यात्रा के समय को काफी कम कर देगा और मानसून के दौरान भूस्खलन जैसी समस्याओं से भी सुरक्षा प्रदान करेगा.













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