Eid al-Adha 2026: दुनिया भर सहित भारत के कुछ चुनिंदा हिस्सों में आज त्याग और समर्पण का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों में आज सुबह ईद की विशेष नमाज अदा की गई. भारत में अधिकांश स्थानों पर यह त्योहार कल यानी 28 मई को मनाया जाएगा, लेकिन जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में स्थानीय धार्मिक कमेटियों द्वारा चांद की तस्दीक किए जाने के बाद आज ही सामूहिक नमाज संपन्न हुई.
खाड़ी देशों में रौनक, हरम शरीफ में उमड़ा जनसैलाब
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के अनुसार, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में धू अल-हिज्जाह का चांद समय पर दिखने के कारण आज आधिकारिक रूप से ईद-उल-अजहा मनाई जा रही है. मक्का की मस्जिद अल-हरम (महान मस्जिद) और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में सुबह लाखों की संख्या में आए हाजियों और स्थानीय नागरिकों ने पवित्र नमाज में हिस्सा लिया. इस दौरान वैश्विक शांति और मानवता के कल्याण के लिए विशेष दुआएं की गईं. यह भी पढ़े: Eid al-Adha 2026 Namaz: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और तमिलनाडु में अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज, देश के अन्य राज्यों में 28 मई को पढ़ी जाएगी बकरीद की नमाज; VIDEOS
चांद दिखने की तारीखों का गणित: क्यों आया अंतर?
इस्लामिक कैलेंडर में किसी भी महीने की शुरुआत और त्योहार की तारीख पूरी तरह चांद के दीदार (साइटिंग) पर निर्भर करती है. सऊदी अरब और खाड़ी देशों में धू अल-हिज्जाह का चांद 17 मई की शाम को देखा गया था. इसके आधार पर वहां 18 मई को इस पवित्र महीने की पहली तारीख तय हुई और ठीक 10वें दिन यानी आज 27 मई को ईद-उल-अजहा मनाई जा रही है.
भारत के अधिकांश हिस्सों में 17 मई को आसमान साफ न होने या भौगोलिक स्थिति के कारण चांद नजर नहीं आया. भारत की मुख्य भूमि में हिलाल कमेटियों को 18 मई की शाम को चांद दिखाई दिया. इस वजह से यहां धू अल-हिज्जाह का महीना 19 मई से शुरू माना गया, जिसके चलते भारत के ज्यादातर राज्यों में 10वां दिन यानी बकरीद कल 28 मई को पड़ रही है.
J&K और तमिलनाडु में आज ही नमाज
आमतौर पर भारत में खाड़ी देशों के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है, लेकिन इस बार देश के भीतर भी तारीखों में अंतर देखा गया है. जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में स्थानीय उलेमाओं और कमेटियों को 17 मई की शाम को ही चांद दिखने के साक्ष्य मिल गए थे. उन्होंने उसी आधार पर अपनी घोषणा की.
इसके चलते इन राज्यों में आज सुबह ही श्रद्धालुओं ने खुले मैदानों और मस्जिदों में नियमों का पालन करते हुए नमाज अदा की. श्रीनगर के सोनवार में एक खुले मैदान में सामूहिक रूप से पढ़ी गई नमाज का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी काफी चर्चा बटोर रहा है.
देश के बाकी राज्यों में कल मनेगी बकरीद
भारत की मुख्य भूमि के अधिकांश हिस्सों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में ईद-उल-अजहा का त्योहार कल, यानी 28 मई को मनाया जाएगा.
तारीख में इस बदलाव के कारण केंद्र सरकार ने दिल्ली और नई दिल्ली स्थित अपने सभी प्रशासनिक कार्यालयों में पहले से तय 27 मई के अवकाश को बदलकर अब 28 मई कर दिया है. इसके अतिरिक्त कई राज्यों ने अपनी शैक्षणिक परीक्षाओं और बैंक अवकाश की सूचियों में भी तदनुसार संशोधन किए हैं.
सुरक्षा व्यवस्था और त्योहार का महत्व
देश के जिन राज्यों में आज नमाज पढ़ी जा रही है और जहां कल पढ़ी जानी है, वहां स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील चौराहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि यातायात सुचारू रहे और कानून व्यवस्था बनी रहे. ईद-उल-अजहा पैगंबर इब्राहिम के अल्लाह के प्रति सर्वोच्च बलिदान की याद में मनाई जाती है, जिसमें नमाज के बाद समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके की मदद करने की मुख्य परंपरा है.













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