‘Missing Link’ Project: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक', 30 मिनट बचेगा सफर; मई 2026 में खुलने जा रहा है देश का आधुनिक इंजीनियरिंग अजूबा
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बन रहे 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट का काम 94% पूरा हो चुका है. यह प्रोजेक्ट खंडाला घाट के खतरनाक रास्तों को बायपास कर यात्रा के समय को 30 मिनट कम कर देगा. MSRDC ने इसकी शुरुआत के लिए मई 2026 की नई तारीख तय की है.
- Read in
- English
मुंबई: मुंबई (Mumbai) और पुणे (Pune) के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. बहुप्रतीक्षित 'मिसिंग लिंक' (Missing Link) परियोजना अपने अंतिम चरण में है. महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (Maharashtra State Road Development Corporation) एमएसआरडीसी (MSRDC) ने घोषणा की है कि यह प्रोजेक्ट 1 मई 2026 (महाराष्ट्र दिवस) तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा. ₹6,695 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना खंडाला घाट के खतरनाक और जाम वाले हिस्से को बायपास करेगी, जिससे न केवल सफर सुरक्षित होगा, बल्कि यात्रा का समय भी लगभग 30 मिनट कम हो जाएगा. यह भी पढ़ें: Mumbai-Pune Expressway Traffic Update: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस से भरा टैंकर पलटा, 12 घंटे से ज्यादा समय से ट्रैफिक जाम, रात से फंसे हजारों लोग; VIDEO
क्या है 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट?
मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की क्षमता बढ़ाने वाली एक अत्याधुनिक तकनीकी परियोजना है. वर्तमान में खोपोली और कुसगांव के बीच का 19.8 किलोमीटर का हिस्सा बेहद घुमावदार है और लोनावला-खंडाला घाट से होकर गुजरता है. यहां अक्सर तीखे मोड़, ढलान और बारिश के दिनों में भूस्खलन के कारण ट्रैफिक जाम लगा रहता है.
इस समस्या को हल करने के लिए 13.3 किलोमीटर लंबा एक नया आठ-लेन का रास्ता बनाया जा रहा है. इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- जुड़वां सुरंगें: इसमें दो विशाल सुरंगें बनाई गई हैं (68 किमी और 8.87 किमी)। 8.87 किमी लंबी सुरंग को एशिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में से एक माना जा रहा है.
- इंजीनियरिंग का कमाल: टाइगर वैली (Tiger Valley) के ऊपर 650 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज (Cable-stayed bridge) बनाया जा रहा है, जो जमीन से काफी ऊंचाई पर स्थित है.
- सुरक्षा: इस पूरे स्ट्रेच को 'जीरो-फैटालिटी कॉरिडोर' के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें आधुनिक अग्नि शमन प्रणाली और हाई-स्पीड स्टेबिलिटी का ध्यान रखा गया है.
मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट लोनावाला में ड्यूक नोज से दिखाई दे रहा है
Mumbai - Pune Missing Link Project is visible from Duke's Nose, Lonavala, Maharashtra. pic.twitter.com/pIzpNHb8yN
— Agnimitra Kole (@AgnimitraKole) February 4, 2026
काम की वर्तमान स्थिति और देरी की वजह
4 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, परियोजना का 94% भौतिक कार्य पूरा हो चुका है. सुरंग बनाने का काम लगभग 98.8% खत्म हो गया है। वर्तमान में सारा ध्यान केबल-स्टेयड ब्रिज के अंतिम स्लैब डालने और इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल सिस्टम को स्थापित करने पर है.
मूल रूप से 2022 तक पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट कई कारणों से लेट हुआ:
- कठिन मौसम: सह्याद्रि घाटी में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण केबल-स्टेयड ब्रिज के निर्माण में बाधा आई.
- जटिल इंजीनियरिंग: 182 मीटर ऊंचे पिलर्स के लिए विशेष 'विंड टनल टेस्टिंग' की आवश्यकता थी ताकि वे तेज हवाओं के दबाव को झेल सकें. यह भी पढ़ें: Mumbai-Pune Expressway New Link Road: मुंबई-पुणे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अप्रैल 2026 से शुरू होगा नया लिंक रोड, सफर होगा 25 मिनट कम
सफर पर क्या होगा असर?
इस प्रोजेक्ट का महत्व हाल ही में तब और बढ़ गया जब 3 फरवरी को अडोशी सुरंग के पास एक गैस टैंकर हादसे के कारण 18 घंटे तक ट्रैफिक ठप रहा. मिसिंग लिंक के चालू होने के बाद यात्री इन 'चोक पॉइंट्स' को बायपास कर सकेंगे.
मुख्य लाभ:
- दूरी में कमी: एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 6 किलोमीटर कम हो जाएगी.
- समय की बचत: मुंबई से पुणे का सफर 25 से 30 मिनट कम हो जाएगा.
- घाट से मुक्ति: यात्रियों को खंडाला घाट के खतरनाक मोड़ों और चढ़ाई से नहीं गुजरना होगा.
MSRDC के अनुसार, निर्माण कार्य 1 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह समाप्त कर लिया जाएगा और सुरक्षा परीक्षणों के बाद 1 मई 2026 को इसे यातायात के लिए शुरू कर दिया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 04, 2026 08:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

