नई दिल्ली/चेन्नई, 27 मई: तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के बाद अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ सी. विजय (Joseph C. Vijay) बुधवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. राज्य के प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय बुधवार सुबह चेन्नई (Chennai) से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और अपनी सभी उच्च स्तरीय बैठकों को पूरा करने के बाद आज ही चेन्नई लौट आएंगे. मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली की इस पहली यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) से शिष्टाचार व रणनीतिक मुलाकात करेंगे. इस दौरान वे राज्य के विकास, लंबित केंद्रीय फंड की मंजूरी और विभिन्न महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र से विशेष वित्तीय सहयोग की मांग करेंगे.
पीएम मोदी और वित्त मंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन; इन मुद्दों पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की इस दिल्ली यात्रा का मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु के आर्थिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्र सरकार का मजबूत समर्थन हासिल करना है. बैठक के दौरान विजय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन (Memoranda) सौंपेंगे, जिसमें तमिलनाडु की लंबित वित्तीय हिस्सेदारी और प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं को जल्द से जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया जाएगा.
मुख्यमंत्री मुख्य रूप से राज्य में औद्योगिक विकास की नई पहलों, बुनियादी ढांचे के विस्तार, लंबित वित्तीय आवंटन और जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता पर जोर देंगे. इन परियोजनाओं को तमिलनाडु के आर्थिक मॉडल और औद्योगिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
द्रविड़ राजनीति का अंत: ऐतिहासिक जीत के बाद विजय का पहला दिल्ली दौरा
मुख्यमंत्री विजय का यह दिल्ली दौरा राष्ट्रीय और राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कुछ ही सप्ताह पहले विजय और उनकी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने तमिलनाडु के हालिया राजनीतिक इतिहास में सबसे चमकदार और अभूतपूर्व चुनावी प्रदर्शन दर्ज किया है.
अपने जीवन का पहला विधानसभा चुनाव लड़ते हुए टीवीके (TVK) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में अकेले 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरने का गौरव हासिल किया. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही विजय ने राज्य की राजनीति में दशकों से चले आ रहे दोनों द्रविड़ दिग्गजों—द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK)—के एकछत्र प्रभुत्व को पूरी तरह से समाप्त कर दिया.
तमिलनाडु में दशकों बाद गठबंधन सरकार का नया दौर
चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद, विजय की पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े (118 सीटों) से महज 10 सीटें दूर रह गई थी, जिसके बाद राज्य में तेजी से राजनीतिक समीकरण बदले. मुख्यमंत्री विजय ने राजनीतिक परिपक्वता दिखाते हुए कांग्रेस, वामपंथी दलों (Left Parties), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) सहित कई अन्य दलों का समर्थन हासिल किया.
इस मजबूत समर्थन के बल पर उन्होंने बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया, जिससे तमिलनाडु में एक ऐतिहासिक गठबंधन सरकार (Coalition Government) के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ. राज्य ने पिछले कई दशकों से ऐसी बहुदलीय गठबंधन व्यवस्था नहीं देखी थी, जहां पारंपरिक रूप से या तो द्रमुक या अन्नाद्रमुक के नेतृत्व में ही एकल-पार्टी या पूर्व-चुनाव गठबंधन की सरकारें बनती रही हैं. इस राजनीतिक बदलाव के बाद केंद्र और राज्य के बीच नए संबंधों को आकार देने के लिए सीएम विजय की आज की दिल्ली वार्ता पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं.












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