Mumbai-Pune Expressway: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 1 मई को होगा शुरू, यात्रा समय में 30 मिनट की होगी कमी
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे राज्य की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है. ‘मिसिंग लिंक’ शुरू होने से ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे व्यापार और परिवहन क्षेत्र को फायदा मिलेगा. साथ ही रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी.
Mumbai-Pune Expressway: महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने घोषणा की है कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबे समय से प्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का उद्घाटन 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर किया जाएगा. 13.3 किलोमीटर लंबा यह बायपास मुंबई और पुणे के बीच यात्रा समय को करीब 30 मिनट तक कम कर देगा. इससे खासकर खंडाला घाट क्षेत्र में लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है. Mumbai-Pune Expressway: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लोनावला के पास भारी जाम, ‘मिसिंग लिंक’ काम में देरी से यात्री घंटों फंसे; गाड़ियां रेंगती नजर आईं; VIDEO
लोणावला जाम से मिलेगी राहत
फिलहाल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को खंडाला-लोणावला के घुमावदार और भीड़भाड़ वाले मार्ग से गुजरना पड़ता है. खासकर वीकेंड और छुट्टियों के दौरान इस इलाके में भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है, जब बड़ी संख्या में पर्यटक हिल स्टेशनों की ओर रुख करते हैं. नया ‘मिसिंग लिंक’ इस भीड़भाड़ वाले हिस्से को पूरी तरह बायपास करेगा, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रा अधिक सुगम बनेगी.
उन्नत तकनीक और सुरक्षा फीचर्स
करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना सह्याद्रि पर्वतमाला के चुनौतीपूर्ण भूभाग को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है. इस प्रोजेक्ट में विश्व स्तरीय चौड़ी सुरंगें बनाई गई हैं, जो भारी ट्रैफिक को संभालने में सक्षम हैं. इसके अलावा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को बायपास किया गया है, जिससे खासकर मानसून के दौरान सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी. यह मार्ग हर मौसम में सुचारू यातायात के लिए डिजाइन किया गया है.
निर्माण में आई चुनौतियां
इस परियोजना पर काम अगस्त 2018 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि कोविड-19 महामारी, भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण की चुनौतियों के चलते काम में देरी हुई. अब परियोजना पूरी तरह तैयार है और अंतिम सुरक्षा जांच के बाद 1 मई को इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे राज्य की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है. ‘मिसिंग लिंक’ शुरू होने से ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे व्यापार और परिवहन क्षेत्र को फायदा मिलेगा. साथ ही रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2026 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

