Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान
भारतीय रेल (Photo Credits: File Image)

Central Railway: मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच विशेष अभियानों के तहत 584 बच्चों और जरूरतमंद वयस्कों को बचाकर उनके परिवारों से मिलाया. इसके साथ ही 25 यात्रियों की जानलेवा हादसों से भी रक्षा की गई. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. मध्य रेलवे के अनुसार, RPF ने रेलवे परिसरों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मानवीय जिम्मेदारियों को भी लगातार निभाया है. Central Railway: सेंट्रल रेलवे की बड़ी उपलब्धि, इगतपुरी गुड्स शेड से पहली बार रेल के जरिए कारों की ढुलाई शुरू

"ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत RPF ने चार महीनों में कुल 499 बच्चों को बचाया. इनमें 331 लड़के और 168 लड़कियां शामिल थीं. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें घर से भागे बच्चे, लापता नाबालिग, बेसहारा बच्चे और तत्काल देखभाल की जरूरत वाले बच्चे शामिल थे. बचाए गए बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों से मिलाया गया या फिर आगे की देखभाल और पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समितियों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को सौंपा गया. मध्य रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति RPF की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

वहीं, "ऑपरेशन डिग्निटी" के तहत RPF ने रेलवे परिसरों में संकट की स्थिति में मिले 85 जरूरतमंद वयस्कों को बचाया. इनमें 38 पुरुष और 47 महिलाएं शामिल थीं. अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बेसहारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ या परित्यक्त लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराना था.

इसके अलावा, "ऑपरेशन जीवन रक्षा" के तहत RPF कर्मियों ने चलती ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय होने वाले घातक हादसों से 25 यात्रियों की जान बचाई. इनमें 20 पुरुष और पांच महिला यात्री शामिल थे. अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान रेलवे स्टेशनों पर तैनात RPF जवानों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया को दर्शाता है. समय रहते हस्तक्षेप करने से कई बड़े हादसे टल गए.

मध्य रेलवे ने कहा कि RPF अब केवल सुरक्षा बल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भारतीय रेलवे की एक संवेदनशील और जनसेवा से जुड़ी इकाई के रूप में कार्य कर रहा है. मध्य रेलवे ने अपने बयान में कहा, "बच्चों को बचाने, जरूरतमंद वयस्कों की मदद करने और यात्रियों की जान बचाने में RPF कर्मियों की सतर्कता, समर्पण और मानवीय प्रयास उनकी जनकल्याण और यात्री सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं."

मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें और यात्रा के दौरान अपने सामान को लेकर सतर्क रहें. यात्रियों से यह भी कहा गया कि यदि रेलवे परिसर में कोई बच्चा या वयस्क लापता, परेशान, बेसहारा या मानसिक रूप से अस्वस्थ दिखाई दे, तो तुरंत RPF या रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी दें. रेलवे अधिकारियों ने ऐसे मामलों में सहायता के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करने की सलाह दी.