मुंबई, 1 मई: महाराष्ट्र दिवस (Maharashtra Day) के गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए भविष्य का रोडमैप साझा किया. उन्होंने जहां एक ओर महाराष्ट्र (Maharashtra) के औद्योगिक नेतृत्व और बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति की सराहना की, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र के लिए 'अल नीनो' (El Niño) के खतरे को देखते हुए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मौसम विभाग (Meteorological Department) के पूर्वानुमानों के अनुसार साल 2026 में औसत से कम बारिश हो सकती है, जिसके लिए सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Maharashtra Day 2026: महाराष्ट्र दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने दी बधाई, राज्य की प्रगति और विरासत को सराहा
किसानों के लिए विशेष परामर्श: जल्दबाजी में न करें बुवाई
मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे मानसून को लेकर मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को गंभीरता से लें. उन्होंने कहा, 'हमारा खरीफ सीजन पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है। मैं किसानों से आग्रह करता हूं कि वे बुवाई कार्यों में जल्दबाजी न करें.'
सीएम ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले विशिष्ट निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि फसल बर्बाद होने के जोखिम को कम किया जा सके. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में बीज या उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.
जल संरक्षण और सूखे से निपटने की तैयारी
संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 'जलयुक्त शिवार' और 'गालयुक्त शिवार' जैसी परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर फंडिंग की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल संरक्षण और गाद निकालने (desilting) के प्रोजेक्ट्स में तेजी लाएगी. इसके अलावा, सूक्ष्म सिंचाई, विशेषकर ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल हो सके.
इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
राज्य की प्रगति का जिक्र करते हुए सीएम फडणवीस ने बताया कि मुंबई, पुणे और नागपुर में वर्तमान में 173 किमी मेट्रो लाइनें चालू हैं. उन्होंने संकल्प लिया कि हर साल मेट्रो नेटवर्क में 50 किमी नई लाइनें जोड़ी जाएंगी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र आज देश के बुनियादी ढांचे के विकास में अग्रणी है और विकास का यह रथ रुकने वाला नहीं है. यह भी पढ़ें: Bank Holiday Today, May 1: लेबर डे और महाराष्ट्र दिवस पर आज बैंक खुले हैं या बंद? RBI हॉलिडे लिस्ट में जानें पूरा अपडेट
आर्थिक महाशक्ति की ओर बढ़ता महाराष्ट्र
आर्थिक मोर्चे पर महाराष्ट्र की सफलता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए:
- GDP में योगदान: भारत की कुल जीडीपी में महाराष्ट्र का योगदान लगभग 14 प्रतिशत है.
- FDI का नेतृत्व: साल 2024-25 में महाराष्ट्र ₹1,64,875 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के साथ देश में शीर्ष पर रहा, जो भारत के कुल एफडीआई का लगभग 39 प्रतिशत है.
- ग्लोबल पहचान: दावोस (WEF) में ₹30 लाख करोड़ के एमओयू (MoUs) साइन किए गए हैं, जिनसे 40 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. महाराष्ट्र अब दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.
$5 ट्रिलियन इकोनॉमी का विजन
मुख्यमंत्री ने 'विकसित महाराष्ट्र' के रोडमैप को दोहराते हुए लक्ष्य रखा कि 2047 तक महाराष्ट्र $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की स्थिरता ने वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भी राज्य को आगे बढ़ने में मदद की है.













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