नई दिल्ली/नाशिक, 1 मई: जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (Air Conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल चरम पर है. हालांकि, हाल के दिनों में एसी फटने (AC Explosion) या उनमें आग लगने की कुछ घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि एसी में पूर्ण विस्फोट की घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन कंप्रेसर का फटना (Compressor Burst) या इलेक्ट्रिकल शॉर्ट-सर्किट (Electrical Short Circuit) भीषण आग का रूप ले सकते हैं. इनमें से अधिकांश हादसे केवल सही समय पर सर्विसिंग और रखरखाव के माध्यम से टाले जा सकते हैं. यह भी पढ़ें: AC Temperature New Rule India: अब 20°C से कम और 28°C से ज्यादा पर नहीं चलेगा एसी, केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला; जानें जनता पर क्या होगा इसका असर
एसी ब्लास्ट के प्रमुख कारण
तकनीशियन और इंजीनियरों ने एसी में होने वाले धमाकों के पीछे कुछ तकनीकी खामियों को चिह्नित किया है:
- कंप्रेसर की विफलता: कंप्रेसर एसी का दिल होता है। यदि यह ओवरहीट (अत्यधिक गर्म) हो जाए या इसके भीतर दबाव (Pressure) बहुत बढ़ जाए, तो यह अचानक फट सकता है.
- रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव: यदि एसी की गैस लीक हो रही है और वह किसी चिंगारी या अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आती है, तो यह आग लगने का कारण बन सकती है.
- इलेक्ट्रिकल फॉल्ट: खराब वायरिंग, शॉर्ट-सर्किट या घटिया क्वालिटी के प्लग और तार स्पार्किंग पैदा करते हैं, जो गंभीर आग में बदल सकते हैं.
- गलत इंस्टॉलेशन: यदि एसी को सही ढंग से इंस्टॉल नहीं किया गया है या उसमें गलत तरीके से गैस भरी गई है, तो समय के साथ आंतरिक पुर्जे कमजोर हो जाते हैं.
इन चेतावनी संकेतों को न करें नजरअंदाज
हादसा होने से पहले एसी अक्सर कुछ संकेत देता है, जिन्हें पहचानना जरूरी है:
- एसी से अजीब आवाजें (जैसे खड़खड़ाहट या हि hiss की आवाज) आना.
- कूलिंग (ठंडक) अचानक कम हो जाना.
- एसी चलते समय बार-बार ट्रिप (MCB गिरना) होना.
- मशीन से किसी चीज के जलने की गंध आना. यह भी पढ़ें: GST Cut on AC: GST से एसी की कीमतें 2,000 से 3,000 रुपए घटेंगी, नए एनर्जी सेविंग गाइडलाइन को लागू करने में मिलेगी मदद; रिपोर्ट
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
अपने परिवार और घर को सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- नियमित सर्विसिंग: साल में कम से कम दो बार प्रमाणित तकनीशियन से सर्विस कराएं। वह लीक और खराब तारों की पहचान समय रहते कर सकता है.
- मानक पुर्जों का इस्तेमाल: हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए रेफ्रिजरेंट और स्पेयर पार्ट्स ही डलवाएं. लोकल या घटिया पार्ट्स रिस्क बढ़ाते हैं.
- साफ-सफाई का ध्यान: फिल्टर, कॉइल्स और वेंट्स को साफ रखें ताकि एयरफ्लो सही रहे और कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.
- मरम्मत के समय सावधानी: मरम्मत के दौरान एसी को कभी भी चालू न रखें. साथ ही, खुद से (DIY) बिजली के पुर्जों को ठीक करने की कोशिश न करें.
एयर कंडीशनर सुरक्षा मानकों के साथ डिजाइन किए जाते हैं, और यदि इनका सही उपयोग किया जाए, तो ये पूरी तरह सुरक्षित हैं. लापरवाही और गलत रिपेयरिंग ही इन्हें खतरनाक बनाती है.











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