Mumbai-Pune Missing Link Reels: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' पर रील बनाना अब पड़ेगा भारी, MSRDC ने दी भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री द्वारा 1 मई को उद्घाटन किए गए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' (Missing Link) प्रोजेक्ट पर अब सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने उन वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी जारी की है
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Mumbai-Pune Missing Link Reels: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री द्वारा 1 मई को उद्घाटन किए गए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' (Missing Link) प्रोजेक्ट पर अब सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने उन वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी जारी की है, जो इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सेल्फी लेने या सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने के लिए गाड़ियां रोक रहे हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे पर वाहन रोकना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा दुर्घटनाओं को भी न्योता दे सकता है.
24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी
मिसिंग लिंक के 13.3 किलोमीटर लंबे इस हिस्से पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए MSRDC ने हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम तैनात किया है. पूरे स्ट्रेच, विशेष रूप से केबल-स्टे ब्रिज और सुरंगों के भीतर 24 घंटे सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जा रही है. एक समर्पित कंट्रोल रूम वास्तविक समय में यातायात की निगरानी कर रहा है. उल्लंघन करने वालों का डेटा तुरंत हाईवे पुलिस के साथ साझा किया जा रहा है ताकि उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके. यह भी पढ़े: Mumbai-Pune Missing Link: आज से खुला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’; जानें किन वाहनों को मिली अनुमति और क्या हैं नए नियम
भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई
हाईवे पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी के लिए रुकने वाले चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई वाहन यातायात में बाधा डालता पाया गया, तो उसे क्रेन की मदद से टो (Tow) भी किया जा सकता है. इस नए खंड के लिए गति सीमा भी निर्धारित की गई है:
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हल्के वाहन: 100 किमी प्रति घंटा.
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बसें और यात्री वाहन: 80 किमी प्रति घंटा.
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भारी वाहन: 31 अक्टूबर तक इस मार्ग पर प्रवेश प्रतिबंधित है.
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना बना जोखिम का केंद्र
यह 'मिसिंग लिंक' इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें टाइगर वैली से 182 मीटर ऊपर भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टे ब्रिज बनाया गया है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुंबई और पुणे के बीच की दूरी को 6 किलोमीटर कम करना और यात्रा के समय में लगभग 30 मिनट की बचत करना है. हालांकि, इस मार्ग के सुरम्य दृश्य और आधुनिक बुनियादी ढांचा यात्रियों को आकर्षित कर रहे हैं, जो अब सुरक्षा के लिए एक चुनौती बन गया है.
यात्रियों से अपील
MSRDC के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि इस परियोजना की सफलता यात्रियों के अनुशासन पर निर्भर करती है. एक्सप्रेसवे पर वाहनों का निरंतर प्रवाह बनाए रखना आवश्यक है. किसी भी स्थान पर अचानक रुकने से पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के टकराने और श्रृंखला बद्ध दुर्घटनाओं (Pile-up) का खतरा बढ़ जाता है. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की जान जोखिम में न डालें.
(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 09:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

