बस्ती: तलाक की खुशी में युवक ने की 9 किलोमीटर की 'दंडवत यात्रा', मन्नत पूरी होने पर मंदिर पहुंचकर टेका मत्था (Watch Video)
UP के एक व्यक्ति ने 9 KM की 'दंडवत यात्रा' करके अपने तलाक़ का जश्न मनाया (Photo Credits: X\@benarasiyaa)

बस्ती: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बस्ती (Basti) जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 25 वर्षीय युवक ने अपने तलाक (Divorce) की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर खुशी जाहिर करने का अनोखा आध्यात्मिक तरीका चुना.  नरखोरिया गांव (Narkhoria Village) के रहने वाले जोगेश (Jogesh) नामक युवक ने नवरात्रि के अवसर पर करीब 9 किलोमीटर की कठिन 'दंडवत यात्रा' (Dandawat Yatra) कर अपनी मन्नत पूरी की.  सोशल मीडिया (Social Media) पर इस यात्रा के वीडियो वायरल (Viral Video) होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. यह भी पढ़ें: Viral Video: 'वेपिंग' करती गिलहरी का वीडियो वायरल; मजे के लिए शेयर की जा रही क्लिप ने वन्यजीव विशेषज्ञों की बढ़ाई चिंता

12 घंटे का कठिन संघर्ष और आस्था

जोगेश ने अपनी यह यात्रा सुबह जल्दी शुरू की और भूखे-प्यासे रहकर करीब 12 घंटे में 9 किलोमीटर की दूरी तय की. दंडवत यात्रा के दौरान श्रद्धालु जमीन पर पूरी तरह लेटकर दूरी को मापता है और फिर आगे बढ़ता है. 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के उद्घोष के साथ जोगेश ने बैडा समय माता मंदिर पहुंचकर अपनी यात्रा समाप्त की.

विवादित वैवाहिक जीवन से मिली 'मुक्ति'

जानकारी के अनुसार, जोगेश की शादी साल 2022 में हुई थी. हालांकि, शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गए, जो अंततः फैमिली कोर्ट तक जा पहुंचे. जनवरी 2026 में कानूनी रूप से तलाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जोगेश ने अपनी उस मन्नत को पूरा करने का निर्णय लिया जो उसने अपने वैवाहिक जीवन के कठिन दौर के दौरान मांगी थी.

बस्ती में तलाक का जश्न वायरल

सुरक्षा के बीच पूरी हुई यात्रा

स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि यह यात्रा पूर्व अनुमति के साथ आयोजित की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मी पूरे रास्ते तैनात रहे. इस दौरान जोगेश के परिवार के सदस्य और ग्रामीण भी उसके साथ चल रहे थे. मंदिर पहुंचने पर उसने नारियल फोड़कर और पूजा-अर्चना कर अपना उपवास तोड़ा.

आधुनिक दौर में परंपरा का अनूठा संगम

आज के दौर में जहाँ 'डिवोर्स पार्टी' का चलन बढ़ रहा है, वहीं जोगेश के इस आध्यात्मिक दृष्टिकोण ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी को इस तरह के निजी पड़ाव पर धार्मिक अनुष्ठान करते देखा है.