लंदन: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक ग्रे गिलहरी (Grey Squirrel) का वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसमें वह एक रंगीन ई-सिगरेट (Colored E-Cigarette) (Vape) को पकड़कर उसे चबाती नजर आ रही है. दक्षिण लंदन के ब्रिक्सटन की यह क्लिप अब तक लाखों बार देखी जा चुकी है. हालांकि कई यूजर्स ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया, लेकिन 'RSPCA' जैसे पशु कल्याण संगठनों ने इसे वन्यजीवों के लिए एक 'गंभीर चेतावनी' करार दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह वीडियो सार्वजनिक स्थानों पर फेंके गए इलेक्ट्रॉनिक कचरे से जानवरों को होने वाले खतरों की एक छोटी सी बानगी भर है. यह भी पढ़ें: Viral Video: हवा में उड़ने वाली दुर्लभ गिलहरी का अद्भुत वीडियो हुआ वायरल, जिसे देखकर आप भी हो जाएंगे मंत्रमुग्ध
खुशबू से भ्रमित हो रहे हैं जानवर
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक ई-सिगरेट में अक्सर फल, मिठाई या डेजर्ट जैसी मीठी खुशबू का इस्तेमाल किया जाता है. यही खुशबू शहरी जानवरों के लिए 'सेंसरी डिसेप्शन' यानी संवेदी धोखे का कारण बन रही है. माना जा रहा है कि ब्रिक्सटन की गिलहरी इस प्लास्टिक डिवाइस को फल या कोई हाई-कैलोरी स्नैक समझकर उसकी ओर आकर्षित हुई होगी. पारंपरिक सिगरेट के फिल्टर के विपरीत, वेप्स की यह सुगंध जानवरों को खतरनाक इलेक्ट्रॉनिक कचरे के साथ संपर्क करने के लिए मजबूर कर रही है.
लंदन में एक गिलहरी वेप के साथ देखी गई
🔥🚨BREAKING: Squirrels have been spotted vaping e-cigarettes due to mistaking their fruity scents for food.
"Eating a vape isn’t part of their natural diet. The components aren’t something they encounter in nature,” said red squirrel expert Craig Shuttleworth.
”You don’t want… pic.twitter.com/brCR34APh4
— Dom Lucre | Breaker of Narratives (@dom_lucre) March 24, 2026
बेचारी गिलहरी
Poor squirrels. vaping isn’t a snack, nature didn’t sign up for this!
— Alan (@alan_065) March 25, 2026
'मजाक नही'
Squirrel please nicotine is no joke for you.
— Hannah Samuel (@hannyjewel) March 24, 2026
ई-सिगरेट के कचरे की विषाक्तता
गिलहरी जैसे छोटे स्तनधारियों के लिए ई-सिगरेट को चबाना कई तरह से जानलेवा हो सकता है:
- निकोटिन का जहर: ई-सिगरेट के भीतर मौजूद निकोटिन लिक्विड की थोड़ी सी मात्रा भी गिलहरी जैसे छोटे जीव के लिए घातक हो सकती है.
- इंटरनल बर्न: वेप्स में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी में कोरोसिव (संक्षारक) रसायन होते हैं. यदि कोई जानवर इसे काटता है, तो बैटरी फटने या रसायनों के रिसाव से उसे गंभीर आंतरिक जलन हो सकती है.
- दम घुटने का खतरा: प्लास्टिक के छोटे पुर्जे गले में फंसने से दम घुटने का जोखिम बना रहता है.
बढ़ता पर्यावरणीय संकट
RSPCA और पर्यावरण समूहों ने इस समस्या के बढ़ते पैमाने पर चिंता जताई है. ब्रिटेन में हर हफ्ते लाखों सिंगल-यूज़ वेप्स फेंके जाते हैं. 'डिस्पोजेबल' के रूप में विपणन किए जाने के कारण, लोग अक्सर इन्हें निर्धारित रीसाइक्लिंग केंद्रों के बजाय सार्वजनिक पार्कों या आवासीय क्षेत्रों में फेंक देते हैं.
RSPCA के प्रवक्ता के अनुसार, 'जो हम इन वायरल वीडियो में देखते हैं, वह केवल समस्या का एक छोटा सा हिस्सा है.' संगठन ने पहले भी ऐसे मामले दर्ज किए हैं जहाँ वेप के पुर्जे निगलने से पक्षियों की मौत हुई है और पालतू जानवरों को इमरजेंसी केयर की जरूरत पड़ी है. यह भी पढ़ें: Viral Video: फर्मेंटेड कद्दू खाने के बाद गिलहरी को हुआ नशा, नशेड़ियों की तरह करने लगी अजीबो-गरीब हरकतें
शहरी वन्यजीवों के लिए नई चुनौती
ब्रिक्सटन की यह घटना दर्शाती है कि शहरी वातावरण में रहने वाले जानवर मानवीय कचरे के साथ किस तरह तालमेल बिठाने की कोशिश में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि वेप को चबाती गिलहरी की क्लिप सोशल मीडिया पर भले ही लोकप्रिय हो, लेकिन जैविक रूप से यह उस जानवर के लिए धीमी और दर्दनाक मौत का कारण बन सकती है. वन्यजीव कार्यकर्ता अब कचरे के निपटान के लिए सख्त नियमों और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों की मांग कर रहे हैं ताकि "वेप वेस्ट" शहरी खाद्य श्रृंखला का हिस्सा न बने.












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