Chhagan Bhujbal’s Helicopter Video: महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल के हेलीकॉप्टर की पुणे के पुरंदर में गलत लैंडिंग के बाद एक बड़ा हादसा टल गया. निर्धारित हेलिपैड के बजाय हेलीकॉप्टर सीधे कार पार्किंग में उतर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। महाराष्ट्र में वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा में यह एक और बड़ी चूक सामने आई है।.
क्या हुआ था पुरंदर में?
महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को पुणे के पुरंदर तहसील के खानवाड़ी गांव में महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए पायलट ने निर्धारित हेलिपैड के बजाय पास की एक कार पार्किंग में हेलीकॉप्टर उतार दिया. अचानक हेलीकॉप्टर को पार्किंग में उतरते देख वहां मौजूद लोगों और वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया. गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ और मंत्री पूरी तरह सुरक्षित रहे. यह भी पढ़े: Ajit Pawar Plane Crash Video: बारामती में विमान हादसे में अजित पवार का निधन, घटनास्थल का दहला देने वाला VIDEO आया सामने
छगन भुजबल के साथ बड़ा हादसा टला
सुरक्षा में चूक और बढ़ती चिंताएं
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आयोजन स्थल पर हेलिपैड की उचित व्यवस्था की गई थी, लेकिन पायलट की ओर से हुई यह गंभीर चूक सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े करती है। स्थानीय निवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि पार्किंग में खड़े वाहनों या भीड़ के बीच हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड का असर होता, तो यह एक जानलेवा हादसा बन सकता था। घटना के बाद मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल स्थिति को संभाला और बाद में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
अतीत के हादसे और प्रशासन पर सवाल
महाराष्ट्र में वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार जैसे नेताओं के साथ भी पूर्व में हेलीकॉप्टर संबंधित घटनाएं हो चुकी हैं, जिसने राज्य में बड़े नेताओं की हवाई सुरक्षा पर बहस तेज कर दी है। अतीत में ऐसी ही तकनीकी गलतियों या सुरक्षा चूक के कारण कई वीआईपी बाल-बाल बचे हैं। इन घटनाओं के बाद से ही महाराष्ट्र सरकार के हवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल और ऑडिट प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जांच और भविष्य की सुरक्षा
इस गंभीर चूक के बाद प्रशासन सुरक्षा प्रोटोकॉल और समन्वय की समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह मानवीय भूल थी या कोई तकनीकी खराबी।
यह जांच का विषय है कि क्या हेलिपैड को ठीक से चिह्नित (Marking) किया गया था और हवाई सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन हुआ था या नहीं। राज्य सरकार अब भविष्य में वीआईपी मूवमेंट के दौरान ऐसी खतरनाक घटनाओं को रोकने के लिए हवाई सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की योजना बना रही है, ताकि किसी भी जन प्रतिनिधि की जान जोखिम में न पड़े।












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