पुणे. महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनी कालभोर इलाके से पशु क्रूरता का एक चिंताजनक मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पालतू कुत्ते को एक फ्लैट की बालकनी में चिलचिलाती धूप के बीच बंधा हुआ देखा गया है. आरोप है कि कुत्ते को भीषण गर्मी में बिना पानी, भोजन या छाया के घंटों तक अकेले छोड़ दिया गया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है.
पड़ोसी ने रिकॉर्ड किया वीडियो
यह घटना तब चर्चा में आई जब विदित शर्मा नामक एक यूजर ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किया. वीडियो को पास की ही एक इमारत में रहने वाली महिला ने रिकॉर्ड किया है. वीडियो के बैकग्राउंड में महिला की आवाज सुनी जा सकती है, जो कुत्ते की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त कर रही है. महिला का कहना था कि इतनी तेज धूप में बेजुबान के लिए कम से कम पानी या छाया का इंतजाम तो होना ही चाहिए था. यह भी पढ़े: Rajkot Animal Cruelty: राजकोट में बेजुबान के साथ क्रूरता, खंभे से बंधे कुत्ते को लाठियों से पीटा; वीडियो वायरल होने के बाद दो गिरफ्तार
बालकनी में कैद रखा गया कुत्ता
मारपीट और लापरवाही का आरोप
वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर का दावा है कि कुत्ते को न केवल प्रतिकूल मौसम में असुरक्षित छोड़ दिया गया, बल्कि उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार भी किया जा रहा था. कैप्शन में आसपास के लोगों से अपील की गई कि वे तुरंत मौके पर पहुंचकर कुत्ते की मदद करें और उसे पानी उपलब्ध कराएं. साथ ही, मामले की जानकारी पशु बचाव दल (Animal Rescue Team) और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को देने का आग्रह किया गया है.
सोशल मीडिया पर आक्रोश और कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होते ही नेटिजन्स ने इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है. कई यूजर्स ने पुणे पुलिस और नगर निगम को टैग करते हुए मालिक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है. सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि "यदि कोई जानवरों की बुनियादी जरूरतों का ख्याल नहीं रख सकता, तो उसे पालने का कोई अधिकार नहीं है." कुछ लोगों ने इसे जानबूझकर की गई क्रूरता करार दिया है.
पशु संरक्षण कानून और जिम्मेदारी
भारत में 'पशु क्रूरता निवारण अधिनियम' (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत किसी भी पालतू या आवारा जानवर को भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय न देना या उसे पीड़ा पहुंचाना अपराध की श्रेणी में आता है. पुणे के इस मामले में अब स्थानीय प्रशासन और पशु कल्याण संगठनों के हस्तक्षेप का इंतजार किया जा रहा है ताकि बेजुबान को सुरक्षित निकाला जा सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके.












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