Maharana Pratap Jayanti 2026: PM मोदी ने महाराणा प्रताप जयंती पर दी श्रद्धांजलि, वीरता और साहस को किया याद

 Maharana Pratap Jayanti 2026: देश आज मेवाड़ के महान योद्धा और अदम्य साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मना रहा है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. नेताओं ने मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके बलिदान और कभी न झुकने वाले स्वाभिमान को याद किया.

पीएम मोदी ने बताया 'राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर महान योद्धा को नमन करते हुए लिखा, "वीरता और पराक्रम के अमर प्रतीक, देश के महान योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उन्होंने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनके अदम्य साहस और अटूट स्वाभिमान की गाथाएं युगों-युगों तक देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की लौ प्रज्वलित करती रहेंगी."  यह भी पढ़े: Maharana Pratap Jayanti 2025 Wishes: महाराणा प्रताप जयंती पर ये हिंदी Quotes, Facebook Messages और WhatsApp Status शेयर कर दें शुभकामनाएं

 PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने किया नमन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराणा प्रताप को साहस और राष्ट्रभक्ति का शाश्वत प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और संघर्षों के बावजूद महाराणा प्रताप ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया. उनका जीवन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा.

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'हिंदुआ सूरज' और स्वतंत्रता की अमर आवाज बताते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि मातृभूमि के गौरव की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप का आत्मोत्सर्ग आने वाली पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता रहेगा.

देश भर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें 'वॉरियर किंग' बताते हुए नमन किया. उन्होंने कहा कि साहस और समर्पण की उनकी विरासत हमारे गौरव की नींव है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी महाराणा प्रताप को असाधारण बहादुरी और अटूट संकल्प का प्रतीक बताते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की.

महाराणा प्रताप: शौर्य और स्वाभिमान का इतिहास

महाराणा प्रताप का जन्म मेवाड़ के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था. उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय वर्षों तक संघर्ष किया. हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध उनके साहस और रणनीति का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है. आज भी उनके त्याग और वीरता की कहानियाँ भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं, जो हर नागरिक में देशभक्ति का जज्बा पैदा करती हैं.