Jharkhand: झारखंड में नशे के सौदागरों की चल-अचल संपत्ति जब्त करेगी पुलिस, तैयार हो रही है सूची
झारखंड में अफीम और ब्राउन शुगर के सौदागरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी चल रही है. पुलिस ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है, जो नशीले पदार्थों के कारोबार में दो या इससे अधिक बार जेल गये हैं.
रांची, 9 फरवरी : झारखंड में अफीम और ब्राउन शुगर के सौदागरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी चल रही है. पुलिस ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है, जो नशीले पदार्थों के कारोबार में दो या इससे अधिक बार जेल गये हैं. नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट में ऐसे लोगों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है. झारखंड के 9-10 जिलों में प्रतिवर्ष हजारों एकड़ इलाके में अफीम की खेती को रोकना राज्य पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. चतरा, खूंटी, रांची, हजारीबाग, रामगढ़, जामताड़ा, लातेहार, पलामू, सरायकेला-खरसावां आदि जिलों में पांच हजार एकड़ से भी ज्यादा इलाके में हुई अफीम की खेती हो रही है. अफीम की फसलों को नष्ट करने के लिए प्रत्येक जिले में पुलिस अभियान चला रही है और इस क्रम में धंधेबाजों को गिरफ्तार भी किया गया है.
2021 में पुलिस ने पूरे राज्य में लगभग तीन हजार एकड़ क्षेत्र में अफीम की लहलहाती फसलों को रौंद डाला है. अब नशे के धंधेबाजों पर अंकुश के लिए पुलिस ने उनकी संपत्ति जब्त करने का फैसला किया है. इसकी शुरूआत सबसे पहले चतरा जिले से की जा रही है. पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चतरा में दो दर्जन से ज्यादा ऐसे लोगों को चिह्न्ति किया गया है, जो दो या उससे अधिक बार नशे के कारोबार में जेल गये हैं. ऐसे लोगों की चल-अचल संपत्ति का पता लगाने के लिए विशेष टीम को लगाया गया है. नशे के धंधेबाजों की हिस्ट्री शीट के आधार पर उनकी संपत्ति जब्त कर ली जायेगी. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नशे की खेती और कारोबार पर अंकुश के लिए पुलिस ने तीन महीने पहले एक्शन प्लान बनाया था. यह भी पढ़ें : राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, कहा- दिल्ली में प्रधानमंत्री नहीं वहां राजा बैठा है
इसके पहले चरण में विभिन्न इलाकों में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को नशे की खेती से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने की कोशिश की गयी. अफीम की खेती का पता लगाने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया. चतरा के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन और उपायुक्त अंजलि यादव ने पिछले सप्ताह जिले के अति नक्सल प्रभावित राजपुर थाना क्षेत्र के गड़िया, अमकुदर और धवैया पहाड़ी और जंगली इलाकों का दौरा किया था. इस दौरान चलाये गये अभियान के दौरान लगभग तीन सौ एकड़ में लगी अफीम की खेती नष्ट की गयी. एसपी ने ग्रामीणों को शपथ दिलायी कि वे न अफीम की खेती करेंगे और न किसी को करने देंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 10, 2022 01:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

