Jharkhand Air Ambulance Crash: झारखंड में बड़ा हादसा, रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस घने जंगलों में क्रैश, चालक दल समेत 7 लोगों की मौत (Watch Video)
(Photo credits PTI)

Jharkhand Air Ambulance Crash: डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने सोमवार को बताया कि रांची से दिल्ली आ रही एक एयर एम्बुलेंस, जिसमें सात लोग सवार थे, झारखंड के चतरा जिले की कसारिया पंचायत में क्रैश हो गई. डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की सर्च-एंड-रेस्क्यू टीम मौके पर है और एएआईबी टीम को जांच के लिए भेजा जा रहा है. एविएशन रेगुलेटर ने एक बयान में कहा कि आगे की जानकारी शेयर की जाएगी.

डीजीसीए ने कहा, "23 फरवरी को रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट सी90 एयरक्राफ्ट वीटी-एजेवी, जो 'रांची-दिल्ली' सेक्टर पर मेडिकल इवैक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) फ्लाइट ऑपरेट कर रहा था, झारखंड के चतरा जिले के कसारिया पंचायत में क्रैश हो गया. इसमें दो क्रू मेंबर समेत सात लोग सवार थे. यह भी पढ़े:  Baramati Plane Crash: अजित पवार के पीएसओ विदीप जाधव के निधन से सदमे में परिवार, कहा- हम सबका सहारा चला गया

झारखंड में बड़ा हादसा

एयरक्राफ्ट ने शाम 7:11 बजे पर रांची से उड़ान भरी थी. कोलकाता से कॉन्टैक्ट होने के बाद, 7:34 पर, एयरक्राफ्ट का वाराणसी से लगभग 100 एनएम साउथ-ईस्ट में कोलकाता से कम्युनिकेशन और राडार कॉन्टैक्ट टूट गया। यह रांची से दिल्ली के लिए बीचक्राफ्ट किंग एयर (बीई9एल) की मेडिकल चार्टर फ्लाइट थी (जिसे दिल्ली की रेडबर्ड एयरवेज ऑपरेट करती थी). इसने शाम 7.07 बजे उड़ान भरी और उत्तर-पश्चिमी झारखंड में पलामू के पास शाम 7.34 बजे इसका संपर्क टूट गया.

इसमें सवार सात लोगों में 1 मरीज, 1 डॉक्टर, 1 पैरामेडिक, 2 अटेंडेंट, 1 पायलट और 1 को-पायलट थे। बचाव अभियान जारी था क्योंकि अभी और जानकारी सामने नहीं आई है. दिल्ली में लैंडिंग का अनुमानित समय रात 10 बजे था। शाम 7:34 बजे इसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया.

बताया जा रहा है कि विमान चतरा जिला के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाटांड़ गांव के समीप स्थित जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ. स्थानीय लोगों ने जंगल की ओर तेज आवाज सुनने और धुएं का गुबार उठते देखने की सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हुई.

रडार डेटा और विमान की अंतिम ज्ञात लोकेशन के आधार पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है. घने जंगल और दुर्गम भू-भाग के कारण राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें संयुक्त रूप से अभियान में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी सीएपी (इमरजेंसी डेटा सेंट्रलाइज्ड एक्शन प्लान) पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहा है और पल-पल की जानकारी एकत्र की जा रही है.

नागरिक उड्डयन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी.