Jhanvi Kukreja Murder Case: मुंबई की एक सत्र अदालत ने 2021 के चर्चित जान्हवी कुकरेजा हत्याकांड में मंगलवार, 3 फरवरी को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले की सह-आरोपी 24 वर्षीय दीया पाडलकरको सभी आरोपों से बरी कर दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया कि दिया के खिलाफ हत्या की साजिश या उसमें सक्रिय रूप से शामिल होने का कोई ठोस प्रमाण अभियोजन पक्ष पेश नहीं कर सका. हालांकि, इसी मामले में मुख्य आरोपी श्री जोगधंकर को अदालत ने पहले ही दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने बरी करने के पीछे क्या तर्क दिए?
अदालत ने दीया पाडलकर को बरी करने के लिए शारीरिक साक्ष्यों और चोटों के पैटर्न को आधार बनाया. फैसले में कहा गया कि घटना के वक्त दिया के होंठ पर केवल एक मामूली चोट थी, जबकि मृतका जान्हवी के शरीर पर 48 गंभीर चोटें पाई गई थीं. कोर्ट के अनुसार, "यदि दिया ने श्री जोगधंकर के साथ मिलकर जान्हवी पर जानलेवा हमला किया होता, तो उसके शरीर पर भी रगड़ या संघर्ष के निशान होते. उसके कपड़े भी न तो फटे थे और न ही उन पर खून के धब्बे मिले." यह भी पढ़े: Sajjan Kumar Acquitted: सज्जन कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 1984 सिख विरोधी दंगों के मामले में बरी
"डर की वजह से रही होगी खामोश"
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि घटना के बाद दिया पाडलकर पार्टी में वापस लौट आई और किसी को कुछ नहीं बताया, जो उसे अपराध का मददगार (Abettor) बनाता है. इस पर अदालत ने कहा कि केवल जानकारी न देने से कोई अपराधी नहीं बन जाता. संभव है कि वह डर या सदमे की वजह से खामोश रही हो. कोर्ट ने यह भी माना कि दिया और जान्हवी के बीच कहासुनी या धक्का-मुक्की जरूर हुई होगी, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि उसका इरादा जान्हवी की हत्या करना था.
मां ने कहा- 'हम फैसले को चुनौती देंगे'
जान्हवी की मां, निधि कुकरेजा, जो मामले की शुरुआत से ही न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं, ने इस फैसले पर असंतोष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि वे दिया की रिहाई के खिलाफ उच्च न्यायालय (High Court) में अपील करेंगी. निधि कुकरेजा के वकील ने तर्क दिया कि दिया घटना के समय मौके पर मौजूद थी, इसलिए वह जिम्मेदारी से बच नहीं सकती.
मामले की पृष्ठभूमि
यह घटना 31 दिसंबर, 2020 की रात खार स्थित 'भगवती हाइट्स' बिल्डिंग में हुई थी. न्यू ईयर पार्टी के दौरान जान्हवी, श्री और दिया के बीच विवाद हुआ था. पुलिस के अनुसार, झगड़ा तब शुरू हुआ जब जान्हवी ने श्री और दिया को करीब देखा. इसके बाद सीढ़ियों पर हुए संघर्ष में जान्हवी की मौत हो गई थी. श्री जोगधंकर फिलहाल जेल में है, जबकि दिया पाडलकर पहले से ही जमानत पर बाहर थी और अब उसे कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.













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